धान ख़रीदी में केंद्र राज्य गतिरोध: केंद्रीय खाद्य मंत्री से चर्चा करने दिल्ली जा रहे मंत्री भगत..उसना चावल.. बारदाना और चार हज़ार करोड़ बकाया की होगी बात

Update: 2021-11-10 12:42 GMT

रायपुर,10 नवंबर 2021। महत्वाकांक्षी धान ख़रीदी योजना को लेकर एक बार फिर राज्य और केंद्र आमने सामने है। राज्य सरकार केंद्र से असहयोग की लंबी सुची लेकर आरोप लगा रही है तो वहीं इस सुची को लेकर समाधान की राह तलाशने राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत अब से कुछ देर बाद दिल्ली रवानगी ले रहे हैं। खाद्य मंत्री अमरजीत दिल्ली में केंद्रीय खाद्य मंत्री से मुलाक़ात करेंगे, और यदि यह मुलाक़ात कल नहीं हुई तो खाद्य मंत्री भगत का दिल्ली प्रवास लंबा खींच सकता है।

राज्य सरकार के सामने जो मामले अब मसले बन रहे हैं उन में केंद्रीय नियम और निर्देश हैं। राज्य सरकार ने इस वर्ष 105 लाख मीट्रिक टन धान ख़रीदने का लक्ष्य रखा है। लेकिन केंद्र सरकार ने 61.5 लाख केवल अरवा चावल ख़रीदी को अनुमति दी है। उसना चावल को लेने से केंद्र ने साफ़ इंकार कर दिया है।प्रदेश में 1900 राईस मिल हैं, जिनमें 416 उसना की है, इनकी प्रतिमाह की क्षमता 5.93 लाख मीट्रिक टन है। मसला उसना का ही नहीं है, मामला बारदानों का भी है,लक्ष्य के अनुरूप बारदाना नहीं है, केंद्र ने अब तक केवल तीस प्रतिशत बारदाना ही दिया है।

इसके अलावा केंद्र का कई वर्षों का लंबित भुगतान जो कि राज्य को मिलना है वह राशि क़रीब चार हज़ार करोड़ की हो चुकी है, इसमें चावल का बोरे का और मज़दूरी का खर्चा शामिल हैं जो कि राज्य का दावा है कि उसे मिला नहीं है।

मंत्री अमरजीत भगत ने कहा "हम किसानों से धान ख़रीदने के लिए संकल्पित हैं,हमें बस सामान्य सहयोग चाहिए जो कि केंद्र को करने में कोई दिक़्क़त नहीं है, लेकिन हमें पता नहीं कि यह परेशानी क्यों खड़ी की जा रही है। मैं आज जा रहा हूँ, कल केंद्रीय कृषि मंत्री और खाद्य मंत्री से मिल कर पूरा पक्ष रख कर आग्रह करुंगा कि मसले को सियासती नहीं बल्कि किसानों के दृष्टिकोण से सहानुभूतिपूर्वक देखें.. "

मंत्री अमरजीत भगत ने आगे कहा "…और यदि कल मुलाक़ात नहीं हुई तो वहाँ रुक कर इंतज़ार करुंगा"

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