शराब खरीदने पर अब मिलेगा बिल… महंगी शराब बेचने पर होगी कार्रवाई, कस्टमर को देना होगा बिल… दुकानों पर लगेंगे आबकारी अफसरों के नंबर

Update: 2021-08-20 01:43 GMT

भोपाल 20 अगस्त 2021। प्रदेश में तय रेट से अधिक दाम पर शराब बिक्री पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए शराब दुकानदार द्धारा ग्राहक के शराब खरीदने पर बिल (केश मेमो) देने को अनिवार्य कर दिया है। आबकारी आयुक्त की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। आबकारी आयुक्त की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक प्रदेश की देशी एवं विदेशी शराब दुकानों पर एक सितम्बर से बिक्री की जाने वाली शराब का ग्राहक को बिल (केश मेमो) दिया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। शराब दुकानों की केश मेमो संबंधी बिल बुक जिला आबकारी कार्यालय से अनिवार्य रूप से प्रमाणित कराई जायेगी और बिक्री के बाद बिल की कार्बन कॉपी अनिवार्य रुप से जमा करनी होगी।

दरअसल मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त ने एक आदेश जारी कर शराब विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से एक बिल बुक/कैश मेमो रखने और खरीदारों को बिल जारी करने का निर्देश दिया है, जो 1 सितंबर से प्रभावी है. यह अवैध शराब के संबंध में जांच के लिए गठित SIT के सुझाव के अनुसार किया जा रहा है। आबकारी आयुक्त के द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक सभी शराब के दुकानदारों को एक कैश मेमो छपवाना होगा। इसको जिले के आबकारी विभाग से प्रमाणित कराया जाएगा। जो भी ग्राहक शराब खरीदे उसे तय दाम के हिसाब से बिल काटकर देना होगा। जिसमें ब्रांड से संबंधित जानकारी भी होगी। इस बिल बुक की कार्बन कॉपी ठेके पर रखना अनिवार्य होगा। साथ ही अधिकारियों को सभी शराब के ठेकों पर संबंधित अधिकारी का नंबर लिखे जाने के भी निर्देश दिए हैं ताकि बिल न मिलने की स्थिति में ग्राहक शिकायत कर सके।

मध्यप्रदेश से सटे राज्यों की तुलना में प्रदेश में शराब की कीमतें करीब दो गुना है जिसके चलते पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी भी खूब हो रही है। दिल्ली और उत्तरप्रदेश की तुलना में प्रदेश में शराब की कीमतें डेढ़ से दो गुना अधिक है। मध्यप्रदेश में शराब के रेट पड़ोसी राज्यों से अधिक होने का सबसे बड़ा कारण शराब पर अधिक टैक्स और सेस होना है।

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