“ना तो शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग में किसी नेता-अधिकारी की सिफारिश सुनी और ना एडमिशन में”…..CM भूपेश ने इंग्लिश मीडियम स्कूल की तारीफ की…बोले- “शिक्षकों को “शिक्षाकर्मी” पद चुभता था, उसे दूर कर दिया”….IAS अफसरों पर भी ली चुटकी …

Update: 2021-09-05 02:04 GMT

रायपुर 5 सितंबर 2021। शिक्षक दिवस के मौके पर आज शिक्षकों का सम्मान किया है। प्रदेशस्तरीय सम्मान समारोह में राज्यपाल अनुसूईया उईके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षकों का सम्मान भी किया और प्रदेश के विकास में शिक्षकों के योगदान को सराहा भी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान अपने संबोधन में शिक्षकों के समपर्णप, योगदान और कर्त्वयनिष्ठा की तारीफ भी की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोनाकाल में जिस तरह से शिक्षकों ने प्रदेश में पढ़ाई की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित रखी, वो अपने आप में मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि

“प्रदेश में कोरोना काल में शिक्षकों ने जिस तरह से पढ़ाई की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करायी, वो अपने आप में मिसाल है। शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने पढ़ाई की जो व्यवस्था तैयार की, उसका शिक्षकों बेहद ही अच्छे तरीके से निर्वहन किया, फिर वो पढ़ई तुंहर द्वार योजना हो, मोहल्ला क्लास हो या अन्य पद्धति”

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी सरकार के प्रयास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि …

“मुझे याद है कि मध्यप्रदेश के साथ जब छत्तीसगढ़ था, तब ही साल 1998 में आखिरी बार शिक्षकों की भर्ती की गयी थी, उसके बाद 2018 तक कोई भी भर्ती नहीं की गयी, लेकिन जब हमारी सरकार आयी तो अब 15 हजार भर्तियां की गयी। पहले शिक्षाकर्मी हुआ करते थे, ये पदनाम ऐसा था जो शिक्षको को चुभता था, कि पता नहीं वो कर्मी है कि क्या है… उसे दूर करने का काम हमारी सरकार ने किया है”

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में खोले गये स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के बारे में कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक 172 स्कूलों का संचालन कराया है। इस स्कूल का मकसद उन बच्चों को अच्छी और गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा देना है, जो गरीब है, जिनके माता पिता इंग्लिश मीडियम स्कूल में नहीं पढ़ा पाते हैं। हमने हर ब्लाक हर विकासखंड, निगम स्तर पर स्कूलों को खोलने का काम कियाहै। उन्होंने कहा कि …

“हमारा मकसद बच्चों को उच्च और गुणवत्तायुक्त शिक्षा देना है। इसलिए इग्लिश मीडियम स्कूल में ना तो शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग में किसी नेता अधिकारी की कोई सिफारिश सुनी और ना ही बच्चों के एडमिशन में किसी तरह की पैरवी सुनी गयी, हम चाहते हैं कि बच्चे अच्छे से यहां पढ़ाई करें”

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान IAS अफसरों पर भी तंज कसा…उन्होंने कहा कि

“यहां कई आईएएस अफसर भी बैठे हैं, ये बंद कमरे की बात है, लेकिन आज मैं बोल देता हूं, हालांकि मालूम है कि कई आईएएस अफसर गुस्सा भी होंगे, मैंने पूछा कि इतने 20-21 सालों में आज तक आपने एक भी भी स्कूल ऐसा नहीं बनाया, जिसमें आईएएस के बेटे पढ़ सकें, इसी बात को डॉ प्रेमसाय सिंह और डॉ आलोक शुक्ला ने चुनौती के रूप में स्वीकारा और मुझे खुशी है कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल ऐसा तैयार हुआ है, जहां कई लोग दूसरे जगहों से नाम कटाकर एडमिशन के लिए आ रहे हैं”

 

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के लिए वो आदर्श होते हैं… शिक्षक क्या करते हैं, कैसे चलते हैं, कैसे बात करते हैं, किस प्रकार का व्यवहार करते हैं, उनका रिएक्शन कैसा होता है, सब उसे सीखते हैं। शिक्षक अच्छे देश और अच्छे राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। अगर कोई शिक्षक ज्ञानवान नहीं होगा तो बच्चों का क्या शिक्षा देगा।

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