Strait of Hormuz: अमेरिका ईरान तनाव के बीच होर्मुज में फंसे 15 भारतीय जहाज, सरकार ने कहा सभी नाविक सुरक्षित, जानें क्राइसिस का लेटेस्ट अपडेट

West Asia Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में 15 भारतीय जहाज फंस गए हैं। जानिए भारत सरकार का रेस्क्यू प्लान और ईरान का लेटेस्ट बयान।

Update: 2026-04-13 14:55 GMT

Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया (West Asia) में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस बढ़ते ग्लोबल टेंशन के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भारत के 15 जहाज फंस गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि केंद्र सरकार इन जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह से एक्टिव है और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

सरकार ने दिया जहाजों की सेफ्टी पर बड़ा अपडेट

पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने इस क्राइसिस पर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद 15 भारतीय ध्वज और स्वामित्व वाले जहाजों की वापसी के लिए लगातार काम कर रहा है। जैसे ही इस रूट पर नौकायन संभव होगा इन सभी जहाजों को सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा।

सुरक्षित पार हुआ 'जग विक्रम' जहाज

इस संकट के बीच भारत के लिए एक गुड न्यूज भी आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी पोत 'जग विक्रम' 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुका है। यह विशाल जहाज 20,400 मीट्रिक टन गैस और 24 क्रू मेंबर्स के साथ 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचेगा। आपको बता दें कि  भारत के सभी बंदरगाहों पर ऑपरेशन पूरी तरह नॉर्मल चल रहा है और कहीं भी किसी तरह के कंजेशन (भीड़भाड़) की कोई स्थिति नहीं है।

ईरान ने दिया भारत को पूरी मदद का भरोसा

होर्मुज जलमार्ग पर चल रहे इस विवाद के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने सोमवार को एक बड़ा बयान दिया है। एक प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर ईरान लगातार भारत के संपर्क में है।

फथली ने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी भारतीय टैंकर से कोई टोल या शुल्क नहीं वसूला है। ईरानी राजदूत ने कहा कि भारत और ईरान के हित एक जैसे हैं और ईरान भारतीय जहाजों को होर्मुज पार करने में पूरी मदद करना चाहता है।

ईरानी राजदूत का यह अहम बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन जहाजों को रोकने की धमकी दी थी जो होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को टोल टैक्स का भुगतान करेंगे।

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