UAE President India Visit: भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति, PM मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट पर किया स्वागत

UAE President India Visit: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का एयरपोर्ट पर पहुंचकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

Update: 2026-01-19 13:44 GMT

UAE President India Visit: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का एयरपोर्ट पर पहुंचकर गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान के साथ संकट को चिंता से देख रहा है।

छोटा दौरा लेकिन बड़े मायने

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का यह दौरा वर्किंग विजिट होगा। उनके ऑफिस ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई द्विपक्षीय मुद्दों पर केंद्रित बातचीत होगी। हालांकि यह दौरा छोटा है लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह भारत और यूएई दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत प्रोडक्टिव होगी क्योंकि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और साझेदारी काफी मजबूत है। संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी तीसरी यात्रा है।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर गहन चर्चा होने की संभावना है। भारत और यूएई के बीच 2022 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) हुआ था जिसके बाद द्विपक्षीय व्यापार और जनसंपर्क में वृद्धि हुई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर प्रदान करेगा। भारत और यूएई के संबंध सिर्फ व्यापारिक नहीं हैं बल्कि रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच चुके हैं।

मिडिल ईस्ट संकट के बीच अहम दौरा

यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के साथ बढ़ते संकट ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। ऐसे में भारत और यूएई जैसे देशों के बीच बातचीत और समन्वय की जरूरत और भी बढ़ जाती है। भारत के लिए यूएई एक महत्वपूर्ण साझेदार है न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के मामले में भी। 

भारत-यूएई संबंधों का विकास

पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूएई के बीच संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। 2022 में हुए CEPA ने द्विपक्षीय व्यापार को गति दी है। इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा है। यूएई में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक मजबूत ब्रिज का काम करते हैं। ये प्रवासी न सिर्फ यूएई की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, बल्कि भारत को भी रेमिटेंस के जरिए काफी मदद करते हैं।

इस दौरे के दौरान दोनों नेता नई संभावनाओं की भी तलाश करेंगे। रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल इकोनॉमी, फूड सिक्योरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।

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