Andhra Pradesh Elections: आंध्र में NDA का सीट शेयरिंग फाइनल, 17 सीटों पर TDP तो 6 पर BJP लड़ेगी चुनाव

Andhra Pradesh Elections: देश में होने वाले आगामी आम चुनाव (General election) में अब कुछ ही वक्त बचा है. लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के लिए राजनीतिक पार्टियों (political parties) ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

Update: 2024-03-12 05:06 GMT

Andhra Pradesh Elections: देश में होने वाले आगामी आम चुनाव (General election) में अब कुछ ही वक्त बचा है. लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के लिए राजनीतिक पार्टियों (political parties) ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. तो दूसरी ओर बीजेपी (BJP) साउथ में अपने दुर्ग को मजबूत बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों से बातचीत कर रही है.

अब जानकारी आ रही है कि भाजपा, चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और पवन कल्याण की पार्टी जन सेना ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ लड़ने का फैसला किया है. तीनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है. आंध्र प्रदेश में टीडीपी 17 लोकसभा सीटों तो बीजेपी 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पवन कल्याण की पार्टी जनसेना 2 सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी. लोकसभा चुनाव के अलावा तीनों पार्टियों के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर भी गठबंधन हुआ है. विधानसभा चुनाव में टीडीपी 144, बीजेपी 10 और जेएसपी 21 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर जानकारी देते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि आज अमरावती में बीजेपी, टीडीपी और जेएसपी ने सीट बंटवारे का जबरदस्त फॉर्मूला बना गया है. मैं विनम्रतापूर्वक आंध्र प्रदेश के अपने लोगों से इस गठबंधन पर अपना आशीर्वाद बरसाने और हमें उनकी सेवा करने के लिए ऐतिहासिक जनादेश देने का आह्वान करता हूं. सूत्रों का ये भी कहना है कि पीएम मोदी 17 मार्च को टीडीपी चंद्रबाबू नायडू के साथ गुंटूर जिले में एक बड़ी संयुक्त रैली कर सकते हैं. हालांकि, अभी इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

आपको बता दें कि बीजेपी और टीडीपी का रिश्ता बहुत पुराना है. दोनों पार्टियों का पहली बार गठबंधन साल 1996 में हुआ था. तब टीडीपी एनडीए में शामिल हुई थी. दोनों ने साल 2014 में लोकसभा चुनाव और विधानसभा साथ लड़ा था, जबकि जेएसपी ने 2014 के चुनावों में बीजेपी का समर्थन किया था, लेकिन साल 2014 के बाद दोनों पार्टियों में मतभेद के बाद टीडीपी एनडीए से अलग हो गई. दोनों ने साल 2019 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था, जहां वाईआरएस कांग्रेस ने टीडीपी को करारी शिकस्त दी थी.

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