Abdul Karim Tunda: 1993 के सीरियल धमाकों का आरोपी टुंडा बरी, अजमेर की टाडा कोर्ट ने सुनाया फैसला

Abdul Karim Tunda: 1993 सीरियल बम धमाकों के मामले में आज (29 फरवरी) टाडा कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस धमाके के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा (Abdul Karim Tunda) को बरी कर दिया है।

Update: 2024-02-29 08:49 GMT

Abdul Karim Tunda: 1993 सीरियल बम धमाकों के मामले में आज (29 फरवरी) टाडा कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस धमाके के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम टुंडा (Abdul Karim Tunda) को बरी कर दिया है। इसके अलावा दो आरोपियों इरफ़ान और हमीदुद्दीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला राजस्थान में अजमेर टाडा कोर्ट ने सुनाया है।

31 साल बाद सुनाया अंतिम फैसला

बता दें कि बाबरी मस्जिद ढहाने की वर्षगांठ पर मुंबई, लखनऊ, कानपुर, हैदराबाद और सूरत की ट्रेनों में बम धमाके हुए थे। इसी मामले पर 31 साल बाद टाडा कोर्ट ने आज अपना अंतिम फैसला सुनाया है। सैयद अब्दुल करीम उर्फ ​​टुंडा पर बांग्लादेश भागने से पहले 1993 में भारत में 40 से अधिक बम विस्फोटों की साजिश रचने का आरोप था। ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तानी आतंकी समूहों ने टुंडा का समर्थन किया था।

2013 में हुआ था गिरफ्तार

सीबीआई ने टुंडा को इन धमाकों का मास्टर माइंड माना था। टुंडा को भारतीय अधिकारियों ने 2013 में बनबसा में भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था। इस मामले में आतंकी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा, इरफान एवं हमीमुद्दीन जेल में बंद हैं। टुंडा पहले उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद जेल में बंद था, जहां से उसे 24 सितंबर 2023 को अजमेर लाया गया।

टुंडा ने कथित रूप से युवाओं को भारत में आतंकवादी गतिविधियां करने के लिए ट्रेनिंग भी दी थी। इसके अलावा, टुंडा ने एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ उसने कथित रूप से 1998 में गणेश उत्सव के दौरान आतंकवादी हमला करने की भी प्लानिंग की थी।

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