Condom Price Hike: कंडोम इंडस्ट्री पर बड़ा संकट, LPG के बाद अब भारत में महंगे होंगे कंडोम, जानें असल वजह
Condom Price Hike India: मिडिल ईस्ट में जारी जंग की वजह से पेट्रोकेमिकल सप्लाई चेन टूट गई है। अमोनिया और सिलिकॉन की कमी से भारत की 8000 करोड़ की कंडोम इंडस्ट्री पर संकट है।
नई दिल्ली 1 अप्रैल 2026। वेस्ट एशिया (West Asia) में ईरान के साथ चल रहे युद्ध का असर अब केवल कच्चे तेल और LPG गैस की कीमतों तक सीमित नहीं रहा है। अंतरराष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल सप्लाई चेन (Petrochemical Supply Chain) में आई भारी रुकावट के कारण अब भारत में कंडोम (Condoms) के दाम भी बढ़ने वाले हैं। लगभग 8,000 करोड़ रुपये की भारतीय कंडोम इंडस्ट्री इस समय कच्चे माल की भारी कमी से जूझ रही है। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, 400 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स का उत्पादन करने वाले इस सेक्टर में अगर रॉ-मटेरियल का संकट बना रहा तो जल्द ही आम उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
अमोनिया और सिलिकॉन ऑयल की भारी किल्लत
कंडोम मैन्युफैक्चरिंग (Condom Manufacturing) के प्रोसेस में कुछ खास केमिकल्स की सख्त जरूरत होती है। इनमें लुब्रिकेंट के तौर पर 'सिलिकॉन ऑयल' और लेटेक्स को सुरक्षित (Stable) रखने के लिए 'अमोनिया' का इस्तेमाल होता है।
ग्लोबल वॉर और लॉजिस्टिक्स में आई रुकावट के कारण सिलिकॉन ऑयल की उपलब्धता तेजी से घटी है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक आने वाले दिनों में अमोनिया की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक का भारी उछाल आ सकता है। इसके अलावा पैकेजिंग में काम आने वाले PVC और एल्युमिनियम फॉयल (Aluminium Foil) जैसे मटेरियल्स भी लगातार महंगे हो रहे हैं, जिससे प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ गई है।
Mankind और HLL का बढ़ा संकट
कच्चे माल की इस किल्लत का सीधा असर भारत की टॉप कंडोम निर्माता कंपनियों पर पड़ रहा है। 'HLL Lifecare', 'Mankind Pharma' और 'Cupid' जैसी बड़ी कंपनियां इस समय सप्लाई संकट (Supply Crisis) का सामना कर रही हैं।
इन कंपनियों के अधिकारियों ने कहा है कि रॉ-मटेरियल की कमी और लॉजिस्टिक्स (Logistics) की दिक्कतों के चलते सही समय पर डिलीवरी करना बेहद मुश्किल हो रहा है। खौफ यह भी है कि सरकार द्वारा जरूरी सेक्टरों (जैसे मेडिकल और फूड) को पेट्रोकेमिकल संसाधनों के आवंटन में प्राथमिकता देने से, कंडोम इंडस्ट्री के लिए केमिकल सप्लाई और भी घट सकती है।
फैमिली प्लानिंग और स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर
कंडोम की कीमतों में यह मुमकिन बढ़ोतरी सिर्फ एक कॉरपोरेट (Corporate) या बिजनेस समस्या नहीं है बल्कि देश के लिए एक बड़ी सामाजिक चिंता भी है। भारत में परिवार नियोजन (Family Planning), जनसंख्या नियंत्रण और सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम का इस्तेमाल बेहद अहम माना जाता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कीमतें बढ़ती हैं तो लोअर और मिडिल क्लास में इसका इस्तेमाल कम हो सकता है। ईरान वॉर (Iran War) का यह साइड-इफेक्ट साफ दिखाता है कि ग्लोबल क्राइसिस किस तरह आम आदमी की जेब और उसकी रोजमर्रा की जिंदगी (Daily Life) को प्रभावित कर सकता है।