VIDEO – जानिए ईश्क के मशहूर शायर अजहर इक़बाल आजकल क्यों लिख रहे हैं “गाली को प्रणाम समझना पड़ता है..मधुशाला को धाम समझना पड़ता है..रावण को भी राम समझना पड़ता है”

Update: 2021-03-21 04:34 GMT

रायपुर,21 मार्च 2021। ईश्क और रुमानियत पर लिखने वाले मशहूर शायर अजहर इक़बाल की कलम अब केवल वही नही रच रही है जिसके लिए लोगों ने उन्हें पलकों पर बिछा रखा है, बल्कि अब वे और भी कुछ रचने लगे हैं। दिलचस्प यह है कि जब वे अपनी पहचान से हटकर भी रच रहे हैं तो हाथों हाथ लिए जा रहे हैं। यह अजहर इक़बाल है, जिन्होंने लिखा –

ताल्लुक झूठ की बुनियाद पे था..
मगर वो इश्क़ था सच्चा हमारा..

ऐसे ही कई शेर और ग़ज़लों ने मेरठ के अजहर इक़बाल को युवाओं के ज़ेहन में बसा दिया.. पर लोग तब चौंके जब ईश्क लिखने वाले ने लिखा –

“चेतना मर चुकी है लोगों की.. पाप पर पश्चाताप कौन करे”

अजहर इक़बाल से संवाद किया हमारे वरिष्ठ सहयोगी याज्ञवल्क्य ने..

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