IPS परमबीर सिंह ने CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई, गृह मंत्री के घर की सीसीटीवी फुटेज जब्त करने की मांग
नई दिल्ली 22 मार्च 2021. मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। परमबीर सिंह का कहना है कि चिट्ठी में उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच की जानी चाहिए। परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को हाल ही में एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (API) सचिन वझे को गृह मंत्री अनिल देशमुख का संरक्षण था और उन्होंने वझे से हर महीने 100 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था।
परबीर सिंह ने याचिका में कहा है कि 100 करोड़ रुपए कलेक्ट करने के टारगेट वाली बात उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी बताई थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया। उन्होंने अपने ट्रांसफर के आदेश को भी चुनौती दी है। उनका कहना है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग पर अफसर रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट की जांच की जानी चाहिए। परमबीर का दावा है कि गृह मंत्री देशमुख सचिन वझे के साथ अपने बंगले पर लगातार बैठक कर रहे थे। इसी बैठक के दौरान 100 करोड़ कलेक्शन का टारगेट दिया गया था। उन्होंने देशमुख के बंगले के CCTV फुटेज की जांच करने की मांग भी की है, ताकि सच सबके सामने आ सके।
चिट्ठी में यह भी कहा गया कि अपने गलत कामों को छुपाने के लिए मुझे बलि का बकरा बनाया गया है। परमबीर सिंह ने याचिका में अपने आरोपों से जुड़े कई सबूत भी सुप्रीम कोर्ट को सौंपे हैं। बताया जा रहा है कि शीर्ष अदालत ने याचिका मंजूर कर ली है। सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी रखेंगे।आपको बता दें कि परमबीर सिंह को हाल ही में मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया गया और डीजी होमगार्ड्स के पद पर भेजा गया. इसी के बाद परमबीर सिंह की एक चिट्ठी सामने आई, जो उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भेजी थी. परमबीर सिंह ने इस चिट्ठी में दावा किया कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने API सचिन वाजे से हर महीने सौ करोड़ रुपये की मांग की थी, जो मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों से वसूले जाने थे. पहले इस चिट्ठी की सत्यता पर सवाल हुआ था, लेकिन परमबीर सिंह ने बाद में खुद कहा कि ये चिट्ठी उनकी ही है. इसके अलावा परमबीर सिंह ने दावा किया था कि API सचिन वाजे ने कई बार गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की थी. ऐसे में इस पूरे प्रकरण की भी जांच की जानी चाहिए.