Shocking News: चौकीदार की घिनौनी करतूत, महिलाओं की बोतल में पेशाब कर फैलाया वायरस, 6 साल की जेल!
Shoking News: अमेरिका के टेक्सास से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। ह्यूस्टन की एक मेडिकल फैसिलिटी में चौकीदार का काम करने वाले लुसियो कैटरिनो डियाज ने महिलाओं की पानी की बोतलों में पेशाब कर उन्हें गंभीर वायरस से संक्रमित कर दिया।

Shoking News: अमेरिका के टेक्सास से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। ह्यूस्टन की एक मेडिकल फैसिलिटी में चौकीदार का काम करने वाले लुसियो कैटरिनो डियाज ने महिलाओं की पानी की बोतलों में पेशाब कर उन्हें गंभीर वायरस से संक्रमित कर दिया। इस शख्स की हरकत इतनी खौफनाक थी कि एक महिला को हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 जैसी बीमारी हो गई। कोर्ट ने इस घिनौने कृत्य के लिए डियाज को 6 साल की सजा सुनाई है।
स्वाद ने खोला राज
30 अगस्त, 2022 को ह्यूस्टन मेडिकल फैसिलिटी में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी, जिसे कोर्ट दस्तावेजों में 'मा' नाम से पहचाना गया, ने ऑफिस के पानी के डिस्पेंसर से अजीब स्वाद और गंध की शिकायत की। उसने फैसला किया कि अब वह घर से अपनी बोतल लाएगी। मगर कुछ दिनों बाद उसकी अपनी बोतल से भी वैसी ही बदबू आने लगी। शक होने पर उसने अपने डेस्क पर एक छोटा स्पाई कैमरा लगाया और सच सामने आ गया।
कैमरे ने पकड़ा रंगे हाथ
कैमरे की फुटेज में साफ दिखा कि रात में सफाई करने वाला चौकीदार लुसियो डियाज उसकी डेस्क पर आता है। वह सफाई का बहाना बनाकर बोतल खोलता है, अपनी पैंट की जिप खोलता है और उसमें पेशाब कर देता है। फिर बोतल को वापस रखकर चला जाता है। हैरानी की बात ये कि वह बिल्कुल घबराया हुआ नहीं था, जैसे ये उसकी रोज की आदत हो। पुलिस पूछताछ में डियाज ने कबूल किया कि उसने ऐसा जानबूझकर किया ताकि अगले दिन लोग इसे पीएं।
वायरस से संक्रमण का खुलासा
महिला ने इसके बाद टेस्ट करवाया तो पता चला कि उसे हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 हो गया है, जो पहले कभी नहीं था। डियाज की जांच में भी वही वायरस और क्लैमाइडिया पाया गया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध माना और डियाज के मूत्र को 'घातक हथियार' की श्रेणी में रखते हुए उसे 6 साल जेल की सजा दी। डियाज को पहले से 2 साल की सजा काटने का क्रेडिट मिला है और वह 3 साल बाद पैरोल के लिए आवेदन कर सकता है।
पुलिस और कोर्ट की कार्रवाई
ह्यूस्टन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। डियाज को अक्टूबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था और अब सजा सुनाई जा चुकी है। कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, उसे सेक्स ऑफेंडर के तौर पर रजिस्टर नहीं करना पड़ेगा। उसके वकील ने कहा कि डियाज अपनी हरकत पर पछतावा जता रहा है और पीड़ितों को ट्रायल की परेशानी से बचाना चाहता था।
इस घटना ने ह्यूस्टन में काम करने वाली महिलाओं में डर और गुस्सा पैदा कर दिया है। कई दूसरी महिलाओं ने भी डियाज के खिलाफ सिविल केस दायर किए हैं। ये मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि ये भी सवाल उठाता है कि वर्कप्लेस पर सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं।