Myanmar Earthquake News: म्यांमार में भूकंप से 694 लोगों की मौत, 1,670 घायल, मंडालय में मची तबाही! भारत समेत कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ!
Myanmar Earthquake News: म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 694 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,670 से ज्यादा लोग घायल हैं।

Myanmar Earthquake News: म्यांमार में शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 694 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,670 से ज्यादा लोग घायल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडालय में हुआ, जो भूकंप के केंद्र के करीब है। इस त्रासदी ने इमारतों, पुलों और बुनियादी ढांचे को व्यापक रूप से नष्ट कर दिया है। थाईलैंड में भी एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत ढह गई। म्यांमार की सैन्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है, जिसके जवाब में भारत, चीन और संयुक्त राष्ट्र सहित कई देश आगे आए हैं।
मंडालय में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप का केंद्र मंडालय से करीब 17.2 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे इसका असर और भी विनाशकारी रहा। मंडालय में कई ऐतिहासिक इमारतें, मठ और पुल ढह गए। एक बड़ा बौद्ध मठ मलबे में तब्दील हो गया, जिसके बाद बचाव दल हाथों से मलबा हटाकर लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के बाद 6.4 तीव्रता का एक शक्तिशाली आफ्टरशॉक और कई मध्यम झटके भी महसूस किए गए, जिसने राहत कार्यों को और मुश्किल बना दिया।
म्यांमार की राजधानी नेप्यीडॉ में भी हालात गंभीर हैं। वहां एक बड़े अस्पताल में घायलों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उन्हें खुले में इलाज देना पड़ रहा है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में खून की कमी को देखते हुए तत्काल रक्तदान की अपील की है। छह सबसे प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मदद का दौर
म्यांमार की सैन्य सरकार ने इस आपदा के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की है। जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को मंडालय का दौरा किया और विदेशी सहायता के लिए अपील की। इसके जवाब में:
- भारत: भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया और भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से 15 टन राहत सामग्री यांगून पहुंचाई। इसमें टेंट, कंबल, दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत हर संभव मदद के लिए तैयार है।"
- संयुक्त राष्ट्र: UN ने तत्काल राहत के लिए 5 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं और मानवीय टीमों को जरूरतों का आकलन करने के लिए भेजा है।
- चीन और रूस: दोनों देशों ने बचाव दलों को म्यांमार भेजा है।
- अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने म्यांमार को सहायता का आश्वासन दिया है।
थाईलैंड में भी असर
भूकंप का असर पड़ोसी देश थाईलैंड में भी देखा गया। बैंकॉक के चत्चुक जिले में एक 30 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई, जिसमें 43 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। थाईलैंड में अब तक 9 लोगों की मौत की खबर है।
क्यों हुआ इतना नुकसान?
म्यांमार सागाइंग फॉल्ट लाइन पर स्थित है, लेकिन इस इलाके में बड़े भूकंप कम ही आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, पुरानी इमारतें और कमजोर बुनियादी ढांचा इस तबाही का बड़ा कारण बना। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो सकती है।