पूर्व DGP समेत आधा दर्जन IPS अफसरों पर कसेगा शिकंजा…. फर्जी इनकाउंटर मामले में CBI जल्द करेगी पूछताछ …. 12 लोगों की हुई थी इनकाउंटर में मौत

Update: 2020-02-19 14:44 GMT

रांची 19 फरवरी 2020। पलामू के बकाेरिया कांड में राज्य के पूर्व डीजीपी डीके पांडेय समेत सात पुलिस अफसरों से सीबीआई पूछताछ करेगी। इसे लेकर जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। जिन अफसरों से सीबीआई दिल्ली की विशेष टीम पूछताछ करेगी, उनमें पूर्व डीजीपी के अलावा एडीजी अनुराग गुप्ता, तत्कालीन अाईजी ए नटराजन, तत्कालीन डीअाईजी हेमंत टाेप्पाे, तत्कालीन काेबरा बटालियन के कमांडेंट कमलेश कुमार, तत्कालीन एसपी मयूर पटेल कन्हैयालाल, लातेहार के तत्कालीन एसपी अजय लिंडा शामिल हैं।

बता दें कि आठ जून 2015 को हुई इस कथित मुठभेड़ में डॉ अनुराग समेत 12 लोगों की मौत हुई थी। मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजन इस मुठभेड़ को फर्जी बताते रहे हैं। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में भी अपील की थी। बाद में इसकी सीबीआई जांच शुरू हुई।सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच में माना है कि यह मुठभेड़ फर्जी थी।़

3 जुलाई 2019 को सीबीआई ने इस मामले में सतबरवा ओपी के तत्कालीन प्रभारी मो रूस्तम, मनिका थानेदार गुलाम रब्बानी और सदर थाना पलामू के तत्कालीन प्रभारी हरीश पाठक का बयान लिया था। मुठभेड़ को सच बता एफआईआर दर्ज कराने वाले मो रूस्तम ने तब अपने बयान में बताया था कि उन्होंने तत्कालीन एसपी कन्हैया मयूर पटेल के कहने पर एफआईआर करायी थी। रूस्तम के सरकारी गवाह बनने के बाद सीबीआई अब इस कांड में जेजेएमपी की भूमिका जांचेगी।

पूर्व डीजीपी समेत कई आईपीएस अधिकारियों की बढ़ेगी मुसीबत

इस मुठभेड़ के फर्जी साबित होने पर पूर्व डीजीपी डीके पांडेय, पलामू के तत्कालीन एसपी कन्हैया मयूर पटेल समेत अन्य की मुसीबत बढ़ सकती है। सीआईडी के पूर्व एडीजी व वर्तमान होमगार्ड डीजी एमवी राव ने भी जांच में तेजी लाने पर हटाने का आरोप तत्कालीन डीजीपी पर लगाया था। केस में सीबीआई के एक अन्य गवाह व दरोगा हरीश पाठक ने भी अपने बयान में कहा था कि एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी द्वारा पूरे मामले में दबाव डाला जा रहा है।

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