सरकार का बड़ा फैसला : सस्ती होगी ब्लैक फंगस की दवा… ब्लैक फंगस की दवा पर नहीं देना होगा टैक्स …. टैक्सपेयर्स को भी राहत

Update: 2021-05-28 11:02 GMT

नयी दिल्ली 28 मई 2021। कोविड और ब्लैक फंगस की चुनौती को देखते हुए कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर काउंसिल के निर्णयों की जानकारी दी.

कोरोना से जुड़ी राहत सामग्री पर कर छूट 31 अगस्त तक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोविड-19 के उपचार और प्रबंधन में आवश्यक महत्वपूर्ण उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को कोविड से संबंधित उपकरणों के आयात पर जीएसटी छूट को 31 अगस्त 2021 तक बढ़ाने का फैसला किया है.
वित्त मंत्री ने कहा, ‘कोविड से संबंधित उपकरणों का मुद्दा बैठक का मुख्य एजेंडा रहा और इस पर विस्तृत चर्चा हुई. हालांकि बैठक में कई और मुद्दों को उठाया गया और चर्चा की गई.’

ब्लैक फंगस की दवा पर भी टैक्स छूट

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए, काउंसिल ने इसके इलाज में काम आने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी को भी जीएसटी से छूट प्राप्त वस्तुओं की सूची में शामिल किया है. वहीं कोविड राहत सामग्रियों के आयात पर IGST छूट को भी 31 अगस्त 2021 तक बढ़ा दिया है.

जीएसटी दरों पर विचार के लिए मंत्री समूह गठित

वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड से जुड़ी कई राहत सामग्रियों पर जीएसटी से छूट दी गई है या उन पर पहले की तुलना में कर की दर कम की गई है. इसे लेकर काउंसिल की रेट फिटमेंट कमेटी ने सिफारिेशें की थी जिस पर बैठक में चर्चा हुई. इस दौरान कई राज्यों के नेताओं की ओर से अलग-अलग विचार रखे. इस पर निर्णय के लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है जो 10 दिन के भीतर यानी 8 जून तक अपनी रिपोर्ट देगा. यदि किसी और वस्तु पर जीएसटी की दर में बदलाव किया जाना है तो वो किया जाएगा. समूह के लिए मंत्रियों का चयन कल तक हो जाएगा.

टैक्स पेयर्स को भी राहत

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल में आज एक बड़ा फैसला छोटे टैक्स पेयर्स के कंप्लायंस बोझ को घटाने के बारे मे हुआ. इस कैटेगरी के टैक्स पेयर्स के लिए विलंब शुल्क को कम करने के लिए एमेनेस्टी स्कीम का सुझाव आया. काउंसिल ने इसके लिए राहत दी है और अब इस कैटेगरी के टैक्स पेयर्स एमेनेस्टी स्कीम का लाभ उठाते हुए कम किए गए विलंब शुल्क के साथ अपना बकाया जीएसटी भर सकेंगे. इतना ही नहीं विलंब शुल्क को भी युक्ति संगत बनाया जाएगा. ये टैक्स पेयर्स के लिए एक दीर्घकालीन राहत होगी. इसका फायदा बड़ी संख्या में लोगों को होगा क्योंकि जीएसटी व्यवस्था में करीब 89% टैक्स पेयर्स इस कैटेगरी के हैं.

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