पहले कौर में मक्खी ?: सुनील जाखड़ के दो ट्वीट और करारा निशाना.. लिखा – ”चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में ?यह बयान चयन के सबसे महत्वपूर्ण कारण को ख़ारिज करता है..CM के अधिकार कमजोर होने की संभावना..” गुरु के संदेश को लिखा ”मानस की जात सब एक पहचानियो”

Update: 2021-09-20 04:01 GMT

चंडीगढ़,20 सितंबर 2021। कैप्टन अमरिंदर की विदाई की पृष्ठभूमि में सक्रिय माने गए और विधायक दल में सिद्धू की मौन सहमति के आधार पर सुखजिंदर सिंह रंधावा के चीखते विरोध की वजह से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की दौड़ से ही बाहर हो चुके सुनील जाखड़ का दुख ट्वीटर पर सामने आया है, और ऐसे वक्त आया है जबकि नए सीएम के तौर पर चन्नी ने शपथ ली ही है, और इस अंदाज में आया है कि, इसे पहले कौर में मक्खी के रुप में देखा समझा जाए। जाति पंथ को आधार बता कर चन्नी के चयन और इसी जाति पंथ को आधार बता कर सीएम पद के दावेदारों के रेस से बाहर कर दिए गए सुनील जाखड़ ने गुरु ग्रंथ साहब की उस बात को भी याद किया है जिसमें गुरु ने कहा है
”मानस की जात सब एक पहचानियो.. “ इस बात का मतलब है कि मनुष्य की जात एक है।
क़द्दावर नेता रहे बलराम जाखड़ के पुत्र सुनील जाखड़ ने दो ट्वीट किए हैं। पहले ट्वीट में पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत के बयान पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। दरअसल कल हरीश रावत ने कहा
”अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव नवजोत सिंह सिद्धू के चेहरे को आगे रखकर लड़ा जाएगा, हम अगले साल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सामने रखकर चुनाव में जाएँगें”
इस बयान पर ही सुनील जाखड़ ने तीखा हमला किया है, बेहद तल्ख़ शब्दों के साथ ट्वीट में सवाल किया गया है
””मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत चन्नी के शपथ ग्रहण के दिन, रावत का यह कथन कि “चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे”, चौंकाने वाला है। यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करता है, और उनके चयन के “सबसे महत्वपूर्ण कारण को भी नकारता है”
इसके कुछ देर बाद ही सुनील जाखड़ ने दूसरा ट्वीट किया और उसमें गुरु ग्रंथ साहिब में मानव सब समान है के संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने तल्ख़ी यहाँ भी दिखाई और लिखा
”जब ऊँचे पदों पर बैठे क्षुद्र मन के छोटे लोग जाति/जाति/पहचान के आधार पर पंजाब को बांटने की कोशिश कर रहे हैं-गुरु के शाश्वत संदेश को भूलकर, जिसमें गुरु ने कहा है -“मानस की जात सब एक पहचानियो..”
जबकि सुनील जाखड़ की दावेदारी इस वजह से ख़ारिज की गई कि पंजाब में हिंदू नही सिख जाट चेहरा हो और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बनाए गए जिन्हे पंजाब का पहला दलित मुख्यमंत्री बताकर कांग्रेस अहम निर्णय के साथ दलितों का सम्मान बता रही है, ऐसे में सुनील जाखड़ का ट्वीट क्या कहना चाह रहा है, यह समझना कठिन नहीं है।
इन ट्वीट के साथ क्या यह नहीं माना जाए कि, कैप्टन अमरिंदर के साथ साथ अब और नाराज़ लोगों की संख्या कांग्रेस के भीतर बढ़ गई है ! सवाल यह भी है कि नाराज़गी विधानसभा चुनाव में मतदान तक जारी रह गई तो क्या होगा ?

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