Ram Lala Darshan Live 27 Jan 2026 : अयोध्या से लाइव : माखन-मिश्री का भोग और ऊनी वस्त्रों में प्रभु का बाल स्वरूप, देखें राम लला की मनमोहक आरती
भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में आज मंगलवार भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, भक्तो की भारी भीड़ और जय श्री राम के जयघोष के साथ जब मंदिर के पट खोले गए तो पूरा परिसर गूंज उठा
Ram Lala Darshan Live 27 Jan 2026 : अयोध्या से लाइव : माखन-मिश्री का भोग और ऊनी वस्त्रों में प्रभु का बाल स्वरूप, देखें राम लला की मनमोहक आरती
Ram Lala Aarti Live Today 27 Jan 2026 : अयोध्या : भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में आज मंगलवार भक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, भक्तो की भारी भीड़ और जय श्री राम के जयघोष के साथ जब मंदिर के पट खोले गए तो पूरा परिसर गूंज उठा, सुबह से ही भक्तगण लाईनों में भगवान राम के दर्शन के लिए लग जाते है, परम्परा अनुसार पहले जाग्रति आरती होती है उसके बाद बालक राम का श्रृंगार किया जाता है
मंगला आरती
भगवान राम लला के दरबार में दिन की शुरुआत मंगला आरती के साथ की जाती है जिसे जाग्रति आरती भी कहा जाता है, ढोल नगाड़ो की मधुर धुन के साथ लाड़ प्यार से प्रभु को नींद से जगाया जाता है, उसके बाद राम लला का गाय के दूध, ताजे दही, शुद्ध घी, शक्कर और शहद से बने पंचामृत से अभिषेक किया जाता है उसके बाद प्रभु को शुद्ध निर्मल गर्म जल से स्नान कराया जाता है
प्रभु का मनमोहक श्रृंगार
मंदिर में रामलला की सेवा बिलकुल ऐसे की जाती है जैसे घर में एक छोटे बालक की देखभाल की जाती है स्नान के बाद प्रभु का श्रृंगार किया गया जिसमे प्रभु को सुंदर रेशमी ऊनी कपडे पहनाये गए, गले में ताजे फूलो की माला पहनाई गई और टिका चन्दन लगाया गया प्रभु का ये सुंदर रूप बहुत मनमोहक लग रहा था, राम लला के लिए फूलो की माला खास तौर से दिल्ली से मंगाई जाती है, श्रृंगार के बाद प्रभु को माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है तब भगवान राम का मुख मंगल ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे मंद मंद मुस्कुरा रहे हो
मौसम के अनुसार राम लला का श्रृंगार और भोग
मंदिर के पुजारी ने बताया प्रभु की सेवा में मौसम का खास ध्यान रखा जाता है अभी टंड का मौसम है तो प्रभु को गर्म और ऊनी वस्त्र पहनाये जा रहे है और वही भोग में भी गर्म तासीर वाले पकवानो का ही भोग लगाया जा रहा और ऐसे ही गर्मी के मौसम में सूती और हलके कपडे पहनाये जाते है और ठंडी चीजो का भोग लगाया जाता है
मंगला से शयन आरती तक प्रभु की सेवा
मंदिर में प्रभु की आरती पूजा पाठ का शिलशिला दिन भर जारी रहता है, सुबह की मंगला और श्रृंगार आरती के बाद दोपहर में भोग आरती की जाती है जिसमे प्रभु को मौसम के अनुसार बने पकवानो का भोग लगाया जाता है उसके बाद कुछ समय के लिए मदिर बंद किये जाते है जहा भगवान राम आराम करते है, उसके बाद दोपहर 2 बजे उत्थापन आरती की जाती है, और फिर शाम को 7 बजे संध्या आरती की जाती है जिसमे पूरा मंदिर परिसर दीपों की रौशनी से जगमगा उठता है, उसके बाद रात में 9 बजे शयन आरती की जाती है फिर अगले दिन तक के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है
श्रद्धालुओ की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
दर्शन पर आने वालो भक्तो के लिए मंदिर ट्रस्ट ने अच्छे इंतजाम रखे है किसी को कोई असुविधा न हो इसके लिए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा के जवान हर समय तैनात रहते हैं, जय श्री राम