Mahakal Bhasm Aarti Live Today : भस्म आरती में हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, देखें आज का मनमोहक रूप...

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और शनिवार की इस पावन सुबह अवंतिका नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में आज भोर होते ही अलौकिक नजारा देखने को मिला, जिसकी प्रतीक्षा देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु करते हैं. ब्रह्म मुहूर्त में जब मंदिर के पट खुले, तो पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा.

Update: 2026-02-21 02:37 GMT

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : भस्म आरती में हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, देखें आज का मनमोहक रूप...

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 21 Feb : आज फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और शनिवार का दिन हैं. मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आज सुबह आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरी नगरी जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंज उठी. बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्त आधी रात से ही लंबी कतारों में लगे रहे और जैसे ही भोर में मंदिर के पट खुले, भक्तों ने बाबा के दर्शन किए.

पंचामृत स्नान और राजसी श्रृंगार

भस्म आरती की शुरुआत सुबह 4 बजे विधि-विधान के साथ हुई. सबसे पहले त्रिकालदर्शी बाबा को दूध, दही, शुद्ध घी, शक्कर और शहद  पंचामृत से नहलाया गया. इसके बाद गर्म जल से स्नान कराकर बाबा का ऐसा श्रृंगार हुआ कि देखते ही बनता था. आज महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर से सजाकर फूलों की सुंदर मालाएं पहनाई गई. बाबा के मस्तक पर तिलक और गले में रुद्राक्ष व नाग की माला शोभा बढ़ा रही थी. राजसी मुकुट और नए वस्त्रों में सजे बाबा को कई तरह के फलों और मिठाइयों का भोग भी लगाया गया.

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भस्म की वर्षा

आरती का सबसे खास पल तब आया जब महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म रमाया गया. सूती कपड़े की पोटली से जब बाबा पर भस्म की वर्षा हुई, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. आपको बता दें कि यह विशेष भस्म कपिला गाय के गोबर के कंडे और शमी, पीपल, पलास जैसी पवित्र लकड़ियों को जलाकर तैयार की जाती है. करीब दो घंटे तक ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच चली यह आरती भक्तों को साक्षात् शिव होने का अहसास कराती हैं.

दिन भर की आरतियों का समय

महाकाल के दरबार में दिन भर भक्तों का तांता लगा रहता है और बाबा अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं. भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक होती है. इसके बाद दद्योतक आरती 7:30 बजे, भोग आरती सुबह 10:30 बजे, संध्या आरती शाम 6:30 बजे और अंत में शयन आरती रात 10:30 बजे की जाती है, जिसके बाद मंदिर के पट दुसरे दिन तक के लिए बंद हो जाते हैं.

जूना महाकाल का महत्व और हेल्पलाइन

मान्यता है कि उज्जैन की यात्रा तब तक अधूरी है जब तक आप मंदिर परिसर में मौजूद जूना महाकाल के दर्शन न कर लें. अगर आप मंदिर से जुड़ी कोई जानकारी या दान-पुण्य की रसीद के बारे में पूछना चाहते हैं, तो टोल फ्री नंबर 18002331008 या 0734-2559272 पर कॉल कर सकते हैं.

सदियों पुराना गौरवशाली इतिहास

महाकाल का यह दरबार सदियों से आस्था का केंद्र है. इतिहास कहता है कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था. हालांकि 13वीं सदी में इल्तुतमिश ने इसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन करीब 500 साल पहले मराठा सेनापति राणोजी सिंधिया ने इसका पुनर्निर्माण करवाकर इसे फिर से भव्य रूप दिया. यह दुनिया का इकलौता दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जिसे मोक्ष के लिए सबसे खास माना जाता है.

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