Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, दर्शन मात्र से धन्य हुआ जीवन, घर बैठे जुड़िए इस पावन पल से

अयोध्या की पावन धरती पर आज, 8 जनवरी गुरुवार की सुबह आज एक अलग ही उमंग लेकर आई सुबह से हो बालक प्रभु श्री रामलला की पूजा विधि शुरू हो जाती हैं

Update: 2026-01-08 02:04 GMT

Ram Lala Aarti Live : अयोध्या से लाइव : रामलला के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, दर्शन मात्र से धन्य हुआ जीवन, घर बैठे जुड़िए इस पावन पल से

Ram Lala Aarti Live Today 8 Jan 2026 : अयोध्या : अयोध्या की पावन धरती पर आज, 8 जनवरी गुरुवार की सुबह आज एक अलग ही उमंग लेकर आई सुबह से ही बालक प्रभु श्री रामलला की पूजा विधि शुरू हो जाती हैं यहाँ की आरती सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं की आस्था केंद्र भी है। भगवान राम के दर्शन मात्र से लोगो के कस्ट दूर हो जाते हैं

Ram Lala Aarti Live Today 8 Jan 2026 : मंगला आरती से होती है शुरुआत : रामलला के दरबार में दिनचर्या की शुरुआत सुबह 6.30 बजे मंगला आरती के साथ की जाती है। मंगला आरती यानि प्रभु राम की जाग्रति आरति जिसमे प्रभु को मंत्रो मधुर ध्वनि के सस्थ जगाया जाता हैं उसके बाद इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से प्रभु का अभिषेक किया जाता है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा हैं लोग सुबह से ही लंबी लाइनों में लग जाते हैं

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श्रृंगार और भोग की खास परंपरा : प्रभु रामलला का श्रृंगार हर दिन अलग- अलग और बेहद खास होता है। आज उन्हें विशेष मखमल और ऊनी वस्त्र के साथ स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया है। खास दिल्ली से मंगाई गई फूलो की माला पहनाया गया सुबह की आरती के बाद उन्हें माखन-मिश्री और ताजे फलों का भोग लगाया गया। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार , दिन भर में यहाँ पांच बार प्रभि की आरती की जाती है— मंगला, श्रृंगार, भोग, संध्या और शयन आरती। प्रत्येक आरती का अपना अलग महत्व है और हर समय भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

भक्तों का अनुभव : श्रद्धालुओं का कहना है कि यहाँ आकर समय मानो ठहर सा जाता है। जब मुख्य पुजारी रामलला की नज़र उतारते हैं, तो वह जो अनोखा दृश्य होता हैं वो बेहद भावुक कर देने वाला होता है कि कई भक्तों की आँखें नम हो जाती हैं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, फिर भी दोपहर की भोग आरती तक मंदिर परिसर पूरी तरह भरा रहता हैं शाम को सरयू तट पर होने वाली आरती और मंदिर की संध्या आरती के साथ ही अयोध्या की गलियाँ रोशनी से नहाय हुए प्रतीत होती हैं। फिर रात को शयन आरती के बाद प्रभु को आराम कराया जाता है

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