Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से महाकाल लाइव : भस्म आरती के दौरान भोलेनाथ की एक झलक पाने को बेकरार श्रद्धालु, आप भी घर बैठे करें दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live : आज गुरुवार सुबह उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों को बाबा भोलेनाथ के अनोखे स्वरुप के दिव्य दर्शन हुए।

Update: 2026-01-08 01:28 GMT

Mahakal Bhasm Aarti Live : उज्जैन से महाकाल लाइव : भस्म आरती के दौरान भोलेनाथ की एक झलक पाने को बेकरार श्रद्धालु, आप भी घर बैठे करें दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live 8 january 2026 : उज्जैन : 8 जनवरी : आज गुरुवार सुबह उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों को बाबा भोलेनाथ के अनोखे स्वरुप के दिव्य दर्शन हुए। आज सुबह जब मंदिर के पट खुले तो जय भोलेनाथ और हर हर महादेव के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, जब बाबा की भस्म आरती शुरू हुई तो श्रद्धालु भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए बेकरार हो उठे। वे सभी आधी रात से ही लंबी कतारों में लगे थे, हर कोई भोलेनाथ की भक्ति में रंगा हुआ दिखाई दे रहा था

Mahakal Bhasm Aarti Live 8 january 2026 : जब सुबह 4 बजे मंदिर का दरवाजा खुला

जब सुबह 4 बजे बाबा महाकाल मदिर के कपाट खुले। तो आज बाबा भोलेनाथ का स्वरुप देख सभी भक्त गण भाव विभोर हो उठे क्योकि इस बार शृंगार के दौरान उनके मस्तक पर चमकता त्रिपुंड, बीच में त्रिनेत्र और पूरा शरीर पवित्र भांग से सजा हुआ था जिसे देख मानो ऐसा लग रहा था की बाबा खुद साक्षात् आगये हो उनकी आँखों की चमक में एक अलग ही आभा झलक रही थी

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चारो तरफ जय श्री महाकाल, और हर हर महादेव की गूंज

इसके बाद पूरे मंदिर परिसर में जय श्री महाकाल, और हर हर महादेव के जयकारो से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा उज्जैन नगरी शिवमय हो गया इस वातावरण से पूरा मंदिर परिसर एक अलग ही उमंग में नजर आया बाबा महाकाल की भस्म आरती के बाद भी भक्तों के दर्शन का सिलसिला दिनभर जारी रहता हैं। उज्जैन महाकाल मंदिर में पूरे दिन भर में 6 प्रकार की आरतियाँ होती है, जिसमें भस्म आरती सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं इसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं और सुबह से ही महाकाल की आरती का लाभ उठाते हैं। मानो जैसे जीवन सफल हो गया

महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता

बाबा भोलेनाथ पर चढ़ाई जाने वाली कपिला गया के गोबर से बने कंडे और पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर के पेड़ की लकड़ियों को जलाकर तैयार की जाने वाली भस्म को एक हलकी सफ़ेद सूती कपड़े में बांधा जाता है और उसे शिवलिंग पर हलके हाथो से बिखेरा दिया जाता है। मान्यता ये भी है की महाकाल के दर्शन करने के बाद जूना महाकाल के दर्शन जरूर करने चाहिए। भस्म आरती दो घंटे करीब तक की जाती है। इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। साथ ही, आरती के दौरान ही भोलेनाथ का मनमोहक शृंगार भी किया जाता है।


मंदिर ट्रस्ट द्वारा दर्शन वयवस्था

उज्जैन महाकाल मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट के तरफ से काफी आसन बना दिया गया हैं सामान्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को महाकाल लोक से होते हुए मानसरोवर गेट के जरिए एंट्री दी जाती हैं जहाँ कतारों में पंखे, पानी और बैठने की भी खास व्यवस्था है।अगर जल्दी दर्शन करना चाहते हैं तो 250 रुपये की रसीद लेकर अलग रास्ते से एंट्री मिलता हैं भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन एडवांस बुकिंग जरुरी हैं जो रिज सुबह होती हैं 

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