Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का गुलाबी फूलो की माला के साथ दिव्य श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : आज सुबह जब मंदिर का पट खोला गया तो जय महाकाल के जय घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, भक्तो ने साक्षात् महाकाल भगवान के दर्शन किये फिर फिर त्रिकालदर्शी का श्रृगार शुरू हुआ
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का गुलाबी फूलो की माला के साथ दिव्य श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 30 January 2026 : उज्जैन : आज माघ महीना शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथी दिन शुक्रवार है, आज महाकाल के मंदिर में एक अलग ही उर्जा नजर आ रहा है, रोज की तरह आज भी महाकाल के दरबार में हजारो भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, श्रद्धालु आधी रात से ही लंबी लंबी लाईनों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए लग जाते है आज सुबह जब मंदिर का पट खोला गया तो जय महाकाल के जय घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, भक्तो ने साक्षात् महाकाल भगवान के दर्शन किये फिर फिर त्रिकालदर्शी का श्रृगार शुरू हुआ
महाकाल श्रृंगार दर्शन
महाकाल मंदिर में आज सुबह 4 बजे जब मंदिर का दरवाजा खोला गया तो रोज की भांति आज भी सबसे पहले भोलेनाथ का दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत आदि से अभिषेक किया गया, फिर भोलेनाथ को गर्म शुद्ध जल से स्नान कराया गया उसके बाद मंत्रो के उच्चारण के साथ भोलेनाथ का अनोखा और अद्भुद श्रृंगार किया गया बाद भगवान भोलेनाथ को फूलो की माला पहनाई गई, बेल पत्र चढ़ाया गया भांग अर्पित किया गया और भोलेनाथ को सुंदर मुकुट पहनाया गया और चन्दन का टिका लगाया गया नए वस्त्र धारण कराये गए, गले में रुद्राक्ष की माला और नाग की माला पहनाई गई, महाकाल मंदिर में भोलेनाथ को दिन भर अलग अलग सिंगार के साथ अलग अलग रूपों में सजाया जाता है भगवान महाकाल के एक दिन में अनेको रूप के दर्शन होते है
महाकाल भस्म आरती
श्रृंगार के बाद कपूर आरती की गई, उसके बाद बाबा महाकाल पर भस्म रमाया गया, उसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म की पोटली बनाकर यानि भस्म को एक महीन सुभी कपडे में बांधकर भोलेनाथ पर हलके हलके हाथों से बिखेरा जाता है जिसे भस्म आरती कहा जाता है, यह भस्म आरती 2 घंटे तक की जाती है, ढोल नगाड़ो और मधुर मंत्रो से पूरा मंदिर परीसर भक्तिमय हो जाता है, त्रिकालदर्शी महाकाल के दर्शन कर भक्त निहाल हो जाते है मान्यता ऐसी है की इस भस्म आरती के दौरान साक्षात् महाकाल के दर्शन होते है, ये जो भस्म की वर्षा भोलेनाथ पर की जाती उसे कपिला गाय के गोबर से बने कंडे और शमी पीपल और पलास और बेर पेड़ के लकड़ियों को एक साथ जलाकर तैयार किया जाता है
दिन भर महाकाल की सेवा
आरती का समय : सबसे पहले भस्म आरती 4 से 6 बजे तक की जाती है उसके बाद दद्योतक आरती 7:30 से 8:15 बजे तक चलती है उसके बाद भोग आरती 10:30 से 11:15 बजे तक की जाती है जिसमे मौसम के अनुसार भोलेनाथ को भोग लगाया जाता है भोग की पूरी थाल सजाई जाती है, उसके बाद शाम को संध्या आरती होती है जो 6:30 से 7:15 बजे तक की जाती है, उसके बाद अंत में शयन आरती रात 10:30 से 11:00 बजे तक की जाती है फिर दूसरे दिन तक के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाये है, इसी तरह दिन भर महाकाल अपने भक्तो को अलग अलग रूपों में दर्शन देते है
मंदिर की एक और मान्यता
महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता है की अगर आप महाकाल दर्शन पर आ रहे है, तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करे, मतलब यहाँ मंदिर परिसर में ही जुना महाकाल मंदिर है, कहा जाता है की जुना महाकाल के दर्शन बिना महाकाल दर्शन अधुरा माना जाता है, इसलिए जब भी आप उज्जैन महाकाल दर्शन पर आये तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करें, और अपनी धर्मिक यात्रा को पूरी करें
मंदिर से जुड़ी जरुरी जानकारी
उज्जैन महाकाल मंदिर से जुडी कोई भी जानकारी के लिए आप इस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008 में फोन कर सकते है, महाकाल मंदिर में दर्शन आदि की जानकारी पूजा पाठ दान आदि की जानकारी के लिए आप इन नंबरों 0734-2559272, 2559277, 2559276, 2559275 पर फोन कर जानकारी घर बैठे पा सकते है