Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का अलौकिक त्रिपुंड श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में आज शनिवार एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है, कड़ाके की ठंड और ठिठुरन वाली शीतलहर के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है

Update: 2026-01-17 01:29 GMT

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का अलौकिक त्रिपुंड श्रृंगार, भस्म आरती में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 17 Jan 2026 : उज्जैन : धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में आज शनिवार एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है, कड़ाके की ठंड और ठिठुरन वाली शीतलहर के बावजूद भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है, जैसे ही ब्रह्म मुहूर्त में विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के मंदिर के कपट खुले, पूरा परिसर जय श्री महाकाल के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा, भक्तगण रात से ही लंबी कतारों में लगे थे

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 17 Jan 2026 : पंचामृत स्नान और बाबा का दिव्य श्रृंगार

मंदिर के सालो पुरानी परंपरा के अनुसार, दिन की शुरुआत बाबा के जलाभिषेक के साथ की गई, इसके बाद भगवान महाकाल को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शाही स्नान कराया गया, आज बाबा का श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, उनके मस्तक पर चंदन का बहुत ही सुंदर और भव्य त्रिपुंड सजाया गया है भांग, सूखे मेवों और ताजे सुगंधित फूलों से बाबा का ऐसा तेजस्वी रूप बनाया गया है की जिसे देखकर भक्त अपनी सुध-बुध खो रहे है

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भोलेनाथ पर भस्म की वर्षा

आरती का सबसे खास पल तब आया जब महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को पवित्र भस्म अर्पित की गई, जैसे ही सूती कपड़े में बंधकर भस्म की वर्षा भोलेनाथ पर हुई, पूरा गर्भगृह एक दिव्य आभा से भर गया, शंखों की ध्वनि, डमरू की थाप और पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार ने वातावरण में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा भर दी की श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे, महाकाल की भस्म आरती करीब दो घंटे तक की जाती है जिसमे भक्तों ने साक्षात त्रिकालदर्शी महादेव के दर्शन होते हैं

दिन भर चलती है महादेव की सेवा

मंदिर में भक्ति का यह सिलसिला केवल भस्म आरती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा दिन बाबा की सेवा में बीतता है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती, उसके बाद फिर दोपहर की भोग आरती, शाम की भव्य संध्या आरती और फिर अंत में शयन आरती की जाती है, मतलब पूरा दिनभर बाबा महाकाल अपने भक्तो को अलग अलग और मनमोहक रूपों में दर्शन देते है

श्रद्धालुओं के लिए मंदिर समिति की व्यवस्था

मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन के लिए रोज लाखों आते है उनकी भीड़ को देखते हुए बेहतर प्रबंधन के लिए मंदिर समिति ने अच्छे इंतजाम किए हैं, आम श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के रास्ते मानसरोवर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है, ठंड को देखते हुए वेटिंग हॉल में विशेष सुविधाएं दी गई हैं, वहीं शीघ्र दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद की व्यवस्था भी चल रही है, जिसे दुसरे रास्ते से एंट्री दी जाती है यहाँ की एक और खास मान्यता है की महाकाल के साथ-साथ यहाँ परिसर में स्थित जूना महाकाल के दर्शन जरुर करने चाहिए इनके दर्शन के बिना महाकाल दर्शन अधुरा माना जाता है आप भी जब भी महाकाल दर्शन पर उज्जैन आये जुना महाकाल का दर्शन जरुर करे और अपनी यात्रा को पूरा करे, जय महाकाल  

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