Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : आज भस्म आरती में दिखा बाबा का अद्भुत रूप, दिव्य श्रृंगार देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त, आप भी यहाँ करे दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : आज शुक्रवार सुबह अवंतिका नगरी में आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, कड़ाके की ठंड और शीतलहर का भी जैसे कोई फर्क न पड़ रहा हो आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब बाबा महाकाल के मंदिर के पट खुले

Update: 2026-01-16 01:27 GMT

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : आज भस्म आरती में दिखा बाबा का अद्भुत रूप, दिव्य श्रृंगार देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त, आप भी यहाँ करे दर्शन

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 16 Jan 2026 : उज्जैन: आज शुक्रवार सुबह अवंतिका नगरी में आस्था का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, कड़ाके की ठंड और शीतलहर का भी जैसे कोई फर्क न पड़ रहा हो आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब बाबा महाकाल के मंदिर के पट खुले, तो पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गुंजायमान हो उठा, उसी के साथ रात से ही कतारों में लगे हजारों भक्तों का इंतजार ख़त्म हुआ, जब उन्हें विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के भस्म आरती के दर्शन हुए

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 16 Jan 2026 : पंचामृत स्नान और दिव्य श्रृंगार : सालो से चली आ रही परंपरा के अनुसार, सुबह होते ही सबसे पहले बाबा महाकाल का जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और शहद के मिश्रण पंचामृत से भोलेनाथ को स्नान कराया गया, आज का श्रृंगार एकदम अलग और खास था, बाबा के मस्तक पर चंदन का आकर्षक त्रिपुंड लगाया गया और उन्हें सुगंधित पुष्पों के साथ-साथ नए आभूषणों और वस्त्रो से सजाया गया, बाबा का यह तेजस्वी रूप देख भक्त निहाल हो रहे थे, बाबा महाकाल को रोज अलग अलग रूपों में सजाया जाता है

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भस्म की वर्षा और आध्यात्मिक माहोल : आरती का सबसे मुख्य बात ये है की जब कपिला गाय के गोबर से तैयार पवित्र भस्म को बाबा पर अर्पित किया गया, जैसे ही सूती कपड़े से छनकर भोलेनाथ पर भस्म की वर्षा हुई, पूरा गर्भगृह एक दिव्य और भीनी भीनी खुशबू से महक उठा, वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरू की गूंज ने वातावरण में ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी की श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगे, महाकाल की भस्म आरती करीब दो घंटे तक की जाती है, जिसमे भक्तों को साक्षात महादेव त्रिकालदर्शी प्रभु के दर्शन होते है

दिनभर चलती हैं भोलेनाथ की सेवा : महाकाल मंदिर में दिन की शुरुआत भस्म आरती से होती है, लेकिन यहाँ भक्ति का सिलसिला दिन भर जारी रहता है, और दिन भर भगवान भोलेनाथ की पूजा अलग अलग रूपों में की जाती है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती, फिर भोग आरती और दोपहर में फिर विशेष पूजा होती हैं, शाम को होने वाली भव्य संध्या आरती और आखरी में शयन आरती तक, श्रद्धालु पूरे दिन बाबा के अलग-अलग मनोहारी रूपों के दर्शन करते हैं

दर्शन पर आने वाले भक्तो के लिए खास व्यवस्था : भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने सुरक्षा के अछे इंतजाम किए हैं सामान्य श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के माध्यम से मानसरोवर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है, शीतलहर को ध्यान में रखते हुए प्रतीक्षालयों में विशेष सुविधाएं दी गई हैं वहीं, शीघ्र दर्शन के इच्छुक भक्तों के लिए 250 रुपये की रसीद के माध्यम से अलग मार्ग से प्रवेश की व्यवस्था की गई है, इसके साथ ही, कहा जाता है की महाकाल दर्शन के साथ आपको मंदिर परिसर में स्थित जुना महाकाल के दर्शन जरुर करने चाहिए तभी आपकी उज्जैन यात्रा सफल होगी, जय महाकाल  

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