Mahakal Bhasm Aarti Live Today : भस्म रमा कर सज गए बाबा महाकाल : दिव्य श्रृंगार से निहाल हुए भक्त, जयकारों से गूंजी अवंतिका नगरी, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : आज माघ महीना शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथी दिन गुरुवार है, आज महाकाल के दरबार में अलग ही उमंग नजर आ रहा है, रोज की तरह आज भी उज्जैन महाकाल के दरबार में लाखों भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिल रही है
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : भस्म रमा कर सज गए बाबा महाकाल : दिव्य श्रृंगार से निहाल हुए भक्त, जयकारों से गूंजी अवंतिका नगरी, आप भी घर बैठे यहाँ करें दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 29 January 2026 : उज्जैन : आज माघ महीना शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथी दिन गुरुवार है, आज महाकाल के दरबार में अलग ही उमंग नजर आ रहा है, रोज की तरह आज भी उज्जैन महाकाल के दरबार में लाखों भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, श्रद्धालु आधी रात से ही लंबी लंबी कतारों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए लग जाते है आज सुबह जब मंदिर का पट खोला गया तो जय महाकाल के जय घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, भक्तो ने साक्षात् महाकाल भगवान के दर्शन किये
श्रृंगार दर्शन
महाकाल मंदिर में आज सुबह 4 बजे जब मंदिर का दरवाजा खोला गया तो रोज की तरह आज भी सबसे पहले भोलेनाथ का दूध, दही, घी, शक्कर पंचामृत आदि से अभिषेक किया गया, फिर भोलेनाथ को गर्म शुद्ध जल से स्नान कराया गया उसके बाद मंत्रो के उच्चारण के साथ भोलेनाथ का अनोखा और अद्भुद श्रृंगार किया गया उसके बाद कपूर आरती की गई उसके बाद भगवान भोलेनाथ को धतूरे का फूल धतूरे का फल और बेल पत्र चढ़ाया और आज भोलेनाथ को सुंदर मुकुट पहनाया गया और चन्दन का टिका लगाया गया नए वस्त्र धारण कराये गए, गले में रुद्राक्ष की माला और नाग की माला के साथ राजे फूलो से बनी माला पहनाई गई, महाकाल मंदिर में भोलेनाथ को दिन भर अलग अलग सिंगार के साथ भिन्न भिन्न रूपों में सजाया जाता है
भस्म आरती
श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल पर भस्म रमाया गया, उसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म की पोटली बनाकर यानि भस्म को एक महीन सुभी कपडे में बांधकर भोलेनाथ पर हलके हलके हाथों से बिखेरा जाता है जिसे भस्म आरती कहा जाता है, यह भस्म आरती 2 घंटे तक की जाती है, ढोल नगाड़ो और मधुर मंत्रो से पूरा मंदिर परीसर भक्तिमय हो जाता है, त्रिकालदर्शी महाकाल के दर्शन कर भक्त निहाल हो जाते है मान्यता ऐसी है की इस भस्म आरती के दौरान साक्षात् महाकाल के दर्शन होते है
दिन भर महाकाल की सेवा
आरती का समय : सबसे पहले भस्म आरती 4 से 6 बजे तक की जाती है उसके बाद दद्योतक आरती 7:30 से 8:15 बजे तक चलती है उसके बाद भोग आरती 10:30 से 11:15 बजे तक की जाती है जिसमे मौसम के अनुसार भोलेनाथ को भोग लगाया जाता है भोग की पूरी थाल सजाई जाती है, उसके बाद शाम को संध्या आरती होती है जो 6:30 से 7:15 बजे तक की जाती है, उसके बाद अंत में शयन आरती रात 10:30 से 11:00 बजे तक की जाती है फिर दूसरे दिन तक के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाये है, इसी तरह दिन भर महाकाल अपने भक्तो को अलग अलग रूपों में दर्शन देते है
मंदिर की एक और मान्यता
महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता है की अगर आप महाकाल दर्शन पर आ रहे है, तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करे, मतलब यहाँ मंदिर परिसर में ही जुना महाकाल मंदिर है, कहा जाता है की जुना महाकाल के दर्शन बिना महाकाल दर्शन अधुरा माना जाता है, इसलिए जब भी आप उज्जैन महाकाल दर्शन पर आये तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करें, और अपनी धर्मिक यात्रा को पूरी करें
मंदिर से जुड़ी जरुरी जानकारी
उज्जैन महाकाल मंदिर से जुडी कोई भी जानकारी के लिए आप इस टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002331008 में फोन कर सकते है, महाकाल मंदिर में दर्शन आदि की जानकारी पूजा पाठ दान आदि की जानकारी के लिए आप इन नंबरों 0734-2559272, 2559277, 2559276, 2559275 पर फोन कर जानकारी घर बैठे पा सकते है