दिल्ली के 700 साल पुराने मालचा महल का इतिहास! जानिए शाही परिवार की एक डरावनी कहानी
Malcha Mahal Delhi Ka Itihas: देश की राजधानी दिल्ली में वैसे तो घूमने के लिए बहुत कुछ है लेकिन यहां एक 700 साल पुराना महल भी है जिसे रहस्यमयी और भूतिया भी कहा जाता है।
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Malcha Mahal Delhi Ka Itihas: देश की राजधानी दिल्ली में वैसे तो घूमने के लिए बहुत कुछ है लेकिन यहां एक 700 साल पुराना महल भी है जिसे रहस्यमयी और भूतिया भी कहा जाता है। 2017 से पहले इस महल में किसी भी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं थी। इस भूतिया महल का नाम है मालचा महल जो अपने अद्भुत वास्तुकला के साथ-साथ दिल्ली के डरावने जगहों में से भी एक मानी जाती है। इस महल को 1970 के दशक का माना जाता है। लेकिन इसके डरावने होने की कहानी 1985 से बताई जाती है जब इस समय अवध घराने की बेगम विलायत महल अपने बेटे, बेटी शकीना, 5 नौकरों और 12 कुत्तों के साथ यहां रहने आई थी। आज हम जानेंगे कि एक राजसी महल कैसे बन गया डरावना!
इंदिरा गांधी सरकार ने बेगम विलायत को सौंप महल
बेगम विलायत महल दिल्ली के ही रेलवे प्लेटफार्म पर रहती थी फिर 1985 में इंदिरा गांधी सरकार ने इन्हें खंडहर हो चुके मालचा महल में रहने को शरण दिया। वे इस पुराने महल को रेलवे प्लेटफार्म में रहने से तो अच्छा ही मानती थी जिस वजह से सरकार की बातों को उन्होंने स्वीकार किया और अपने परिवार के साथ महल में जाकर रहने लगी। समस्या तो तब पैदा हुई जब महल के अंदर जाते ही उन्होंने अपने पूरे परिवार को महल के बाहर रहने वाले लोगों से अलग कर लिया। इतना ही नहीं उन्होंने महल के प्रवेश द्वार पर यह चेतावनी भी लिखवाई की ”अगर कोई अनजान व्यक्ति महल में प्रवेश करता है तो उसे गोली मार दी जाएगी”।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने किया खुलासा
यह घटना धीरे-धीरे चारों तरफ फैल गई फिर जब न्यूयॉर्क टाइम्स में इस पूरे परिवार की पता साजी की तो पता चला कि बेगम विलायत का किसी भी राजसी वंश से कोई नाता नहीं है। इनका असली वंश कश्मीरी बट्ट था और यह खुद को रॉयल फैमिली के रूप में पेश करती थी। कुछ साल इसी महल में रहने के बाद इन्होंने 1993 में हीरा निगल कर आत्महत्या कर ली। फिर 2017 में इनके बेटे अली रज़ा की भी मृत्यु हो गई इसके बाद यह महल फिर से पूरी तरह खंडहर हो गया।
मालचा महल की वर्तमान स्थिति अभी ऐसी है कि यह पूरी तरह से वीरान और आसपास का इलाका भी सुनसान हो चुका है। कई लोग मानते हैं कि यहां आज भी बेगम की आत्मा घूमती रहती हैं जिस वजह से रात में यहां जाने से लोग डरते हैं।
यह महल अब एक संरक्षित स्मारक बन चुकी है लेकिन अभी तक यहां ऐसा कुछ विकास नहीं किया गया है जिससे टूरिस्ट इसके प्रति आकर्षित हो।