Bharat ka pahla Made in india phone: भारत का पहला स्वदेशी मोबाइल फोन, साउथ कोरिया के मदद से किया गया तैयार, इसमें थे आज के एडवांस हेल्थ ट्रैकिंग फीचर!
Bharat ka pahla Made in india phone: क्या आपने सोचा है कि भारत का सबसे पहला मेड इन इंडिया मोबाइल फोन कौनसा है? अक्सर कई लोगों को लगता है कि भारत का पहला स्वदेशी फोन माइक्रोमैक्स या लावा ने बनाया होगा। नोकिया भी कुछ समय पहले काफी फेमस ब्रांड था, तो ये भी लग सकता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें से किसी भी कंपनी ने भारत का पहला स्वदेशी फोन नहीं बनाया था। आईए जानते हैं किस कंपनी ने बनाया था पहला मेड इन इंडिया फोन।
Bharat ka pahla Made in india phone: टेक्नोलॉजी के मामले में चीन और जापान का तो कोई मुकाबला ही नहीं है लेकिन भारत ने भी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है। कई सरकारी योजनाओं के द्वारा मेड इन इंडिया प्रोडक्ट को प्रमोट किया जा रहा है। यह सब तो ठीक है लेकिन क्या आपने सोचा है कि भारत का सबसे पहला मेड इन इंडिया मोबाइल फोन कौनसा है? अक्सर कई लोगों को लगता है कि भारत का पहला स्वदेशी फोन माइक्रोमैक्स या लावा ने बनाया होगा। नोकिया भी कुछ समय पहले काफी फेमस ब्रांड था, तो ये भी लग सकता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें से किसी भी कंपनी ने भारत का पहला स्वदेशी फोन नहीं बनाया था। आईए जानते हैं किस कंपनी ने बनाया था पहला मेड इन इंडिया फोन।
ये है पहला मेड इन इंडिया मोबाइल फोन ब्रांड
भारत का पहला स्वदेशी मोबाइल फोन सन 2003 में वीके मुनोथ(VK Munoth) नाम से मुनोथ कम्युनिकेशन लिमिटेड, चेन्नई द्वारा लॉन्च किया गया था। इस समय नोकिया और मोटोरोला जैसे बड़े-बड़े ब्रांड काफी उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल से फोन बनाते थे, लेकिन इन कंपनियों को चुनौती देते हुए भारत का पहला स्वदेशी फोन लॉन्च करना बहुत बड़ी बात थी।
मुनोथ कम्युनिकेशन, टेलीकॉम इंडस्ट्री में पहले से ही मोबाइल हैंडसेट डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती थी। कंपनी ने इस फोन के लॉन्च के लिए दक्षिण कोरिया के वीके कारपोरेशन (VK Corporation) के साथ हाथ मिलाया था जिन्होंने फोन के मैन्युफैक्चरिंग की तकनीके प्रदान की थी और और इस फोन का भारत में मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम मुनोथ इंडस्ट्रीज के द्वारा किया गया।
कैसा था फोन का डिजाइन
यह फोन उस समय क्लैमशेल यानी फ्लिप मॉडल में आते थे, जो लोगों को काफी पसंद आया था। फोन को काफी हल्का, कंपैक्ट और स्टाइलिश डिजाइन के साथ तैयार किया गया था। इस फोन में पासवर्ड प्रोटेक्टेड फीचर भी दिए गए थे जो उस समय की काफी यूनिक बात होती थी। इसमें Dual Blue LCD Display, 26 पॉलीफोनिक रिंगटोन्स और 38 स्क्रीन सेवर्स जैसे फीचर दिए गए थे। 2003 के फोन में Bio-Rhythm, पिंक शेड्यूल जैसे हेल्थ ट्रैकिंग फीचर भी थे जो आज के स्मार्टफोंस में भी देखने को मिलते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग भारत में लाने का सपना
भारत का यह पहला स्वदेशी फोन, मुनोथ कम्युनिकेशन द्वारा भारत में डिस्ट्रीब्यूट किया जाता था लेकिन अभी भी मैन्युफैक्चरिंग साउथ कोरिया से ही होता थी। इसी को देखते हुए इन्होंने सबसे पहले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भारत में लाने का प्रयास किया था जो की 2014 के मेक इन इंडिया प्रोग्राम से मिलता जुलता है। इसी कंपनी ने ही भारत के बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए पहला सीनियर सिटीजन फोन भी लॉन्च किया था, जो इनकी जरूर को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। एकलाइन में कह तो भारत का पहला स्वदेशी फोन वीके मुनोथ था, जो साउथ कोरिया की मदद से तैयार किया गया था।