वीडियो: सुबह सवा तीन बजे बौराया आरक्षक रीतेश रंजन...सोते जवानों पर झोंक दिया AK 47 से फ़ायर.. नींद में ही मारे गए 3 जवान... चार की मौत, CM ने जताया दुख
जगदलपुर,8 नवंबर 2021। लिंगापाली बटालियन में अब भी सन्नाटा पसरा है, और कैंप में मौजूद जवानों के अब तक सही सही समझ नहीं आया है कि कुछ ही घंटों पहले साथी जवान को ऐसा क्या हुआ कि उसने AK47 का चैंबर ही साथियों पर करीब क़रीब ख़ाली कर दिया। यह ख़ैरियत ही थी कि बहुत मुश्किलों से सही पर जवान रीतेश रंजन को क़ाबू कर लिया गया वर्ना बैरक में मौत का क्या मंजर होता यह कल्पना से बाहर है।
ठीक सुबह 3.15 पर आरक्षक रीतेश रंजन ने तब अचानक फ़ायरिंग शुरु कर दी जबकि चार बजे उसे संतरी ड्यूटी के लिए मौजूद होना था। रीतेश उठा उसी ड्यूटी के लिए था। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि रीतेश ने सोए साथियो पर गोली चलानी शुरु कर दी इस सवाल का जवाब फ़िलहाल किसी के पास नहीं है।
इस फ़ायरिंग से राजमनी यादव,धंजी, रजीब मंडल और धर्मेंद्र कुमार की मौत हुई है जबकि धनंजय सिंह, धर्मात्मा कुमार और रंजन महाराणा की हालत गंभीर बनी हुई है जिनका उपचार जारी है।
तड़के सवा तीन पर यमदूत बन बैठे रीतेश रंजन को पुलिस और सीआरपीएफ़ की टीमें पूछताछ कर रही हैं। विस्तृत ब्यौरा देर शाम तक आने की उम्मीद है तब शायद यह स्पष्ट हो पाए कि आख़िर रीतेश को हुआ क्या था।
मरईगुडा के लिंगापल्ली में मौजुद सीआरपीएफ की पचास बटालियन के कैंप में यह अपने तरह की पहली घटना है। लेकिन जवानों के ख़ुदकुशी कर जाने या फ़ायरिंग कर साथी जवानों को हताहत या घायल करने का यह पहला मामला नहीं है।
विषम परिस्थितियों के बीच रहते हुए सामान्य तनाव भी जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को गहरे तक प्रभावित करता है और ऐसी घटनाएँ होती हैं। यह भी तथ्य है कि हर बार ऐसी घटना के बाद रिफ्रेशमेंट की बातें होती हैं, चर्चा यह भी होती है कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य का लगातार ध्यान रखा जाए लेकिन ऐसा गंभीरता से हो नहीं पाता।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के मरईगुड़ा लिङ्गलपल्ली सीआरपीएफ कैम्प में एक जवान द्वारा फायरिंग की घटना में 4 जवानों की मृत्यु की दुर्भाग्य जनक घटना पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। श्री बघेल ने घटना में मृतक जवानों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।