यहां लगा लॉकडाउन, कोरोना से हाहाकार, घरों में कैद हुए लोग...एक दिन में रिकॉर्ड 8226 केस

Update: 2022-04-03 12:45 GMT

नईदिल्ली 3 अप्रैल 2022. कई देशों में अभी भी कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है. चीन का भी यही हाल है. सबसे बुरा हाल जिन प्रदेशों का है उनमें शंघाई का भी नाम है. शंघाई में कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. शंघाई में एक दिन में रिकॉर्ड 8226 केस दर्ज किए गए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने ये जानकारी दी है. देश के कई प्रांतों में बेहद ही अधिक पारगम्य ओमिक्रोन वेरिएंट फैल गया है. जिससे लोगों के बीच एक बार दहशत का माहौल है. हालांकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की ओर से एक बयान में कहा गया है कि संक्रमण की वजह से कोई नई मौत की सूचना नहीं है. वहीं शंघाई में एक बार फिर से लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है.

शंघाई में पिछले हफ्ते दो फेज में लॉकडाउन शुरू किया गया. आश्वासन के बावजूद, खाद्य वितरण और दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की शिकायतों के बीच पुडोंग में लाखों लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं. जनता को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि उन्हें प्रतिदिन COVID-19 के लिए सेल्फ टेस्ट करने, घर पर मास्क पहनने और परिवार के सदस्यों के संपर्क से बचने सहित अन्य सावधानियां बरतने की आवश्यकता है. लॉकडाउन शुरू होने से पहले ही आइसोलेशन में रह रहे शंघाई के निवासी अब पाबंदियों की से तंग आ रहे हैं.

हालांकि चीन की राज्य-नियंत्रित मीडिया में आ रही कवरेज वहां की स्थिति को काफी सकारात्मक दिखा रही है. लेकिन शिकायतें ऑनलाइन दिखाई दे रही हैं, जिसमें वीडियो और साउंड रिकॉर्डिंग के रूप में अधिकारियों द्वारा काफी सख्ती दिखाने का आरोप लगाया गया है.

चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 31 मार्च को घोषणा की थी कि वे इसके बजाय पूर्व की ओर से प्रतिबंध हटाएंगे. पश्चिमी शंघाई में आज से पांच दिवसीय प्रतिबंध शुरू होने के साथ शहर की 26 मिलियन आबादी को लॉकडाउन में रहने को मजबूर कर दिया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक लोगों को घरों से न निकलने के निर्देश दिए गए हैं. यहां तक ​​कि कूड़ा-करकट न फेंकने जाने या अपने कुत्तों को टहलाने से भी मना किया गया है. शहर के अधिकांश सार्वजनिक परिवहन को भी निलंबित कर दिया गया है और सभी गैर-जरूरी व्यापार को फिलहाल बंद कर दिया गया है.

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