थैंक्स सीएम साहब Video: बोरवेल से निकालने पर सीएम भूपेश को शुक्रिया बोलने गांव वालों के साथ बस से रायपुर रवाना
रायपुर: बोर से 105 घण्टो के संघर्षों के बाद बाहर निकला राहुल अब स्वस्थ्य होने के बाद मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करने राजधानी के लिए निकले है। गांव से स्पेशल बस में सवार होकर राहुल राहुल के परिजन और गांव वाले भी है। राजधानी पहुंचकर राहुल के साथ सभी लोग सीएम भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित करेंगे ।
ज्ञातव्य है कि जांजगीर जिले के मालखरौदा ब्लाक के पिहरिद गांव में दस जून की शाम 4 बजे लाला राम साहू का बड़ा पुत्र दस वर्षीय राहुल घर के पीछे बाड़ी में बोर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया था। राहुल का उससे दो वर्षीय छोटा एक भाई भी है। घटना की सूचना पुलिस को मिलने पर एडिशल एसपी अनिल सोनी ने तत्काल इसकी जानकारी कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला को दी। और मौके पर रवाना हो गए। सूचना मिलने पर शक्ति एसडीएम रैना जमील व शक्ति की ओएसडी नूपुर राशि पन्ना भी मौके पर पहुँच गए। सबसे पहले अधिकारियों ने आक्सीजन सिलेंडर के साथ स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बुलवाया व पीएचई को भी मौके पर बुलाया गया।
राहुल को निकालने के लिए आक्सीजन सप्लाई करने के साथ ही बोर के बाजू में गड्ढा करना शुरु किया गया। इसके लिए कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला के निर्देश पर एडीएम राहुल देव व ओएसडी नूपुर राशि पन्ना ने एसईसीएल के साथ ही बालको व आस पास के उद्योगों के मशीनों को तत्काल बुलवाया। रेस्कयू के लिए एसडीआरएफ के डायरेक्टर मयंक श्रीवास्तव भी अपनी टीम लेकर मौके पर पहुँचे। यहां जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ व आर्मी को भी बुलाया गया। प्रशासन ने बोर के समानांतर खुदाई करवा कर टनल बनवाया। इस दौरान डोलोमाइट चट्टानों के होने के कारण काफी परेशानी रेस्कयू में हुई। यहां तक कि एसपी विजय अग्रवाल की लगातार रेस्क्यू में डंटे रहने के कारण तबियत भी बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। बिलासपुर रेंज आईजी रतन लाल डांगी भी लगातार पिहरिद का दौरा कर रेस्कयू पर नजर बनाए हुए थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी लगातार रेस्कयू का डिटेल अधिकारियों से लेकर जरूरी दिशा निर्देश देते रहे। व राहुल के घर वालो से बात कर उनका हौसला बढ़ाते रहे। उन्होंने राहुल की दादी को छतीसगढ़ी भाषा मे भरोसा भी दिलाया कि "चिंता मत कर दाई,तोर नाती ल हमन निकाल लेबो".अधिकारियों व फील्ड में काम में जुटे लोगो की मेहनत रंग लाई व मुख्यमंत्री का आश्वासन पूरा हुआ। 105 घण्टे के कड़े संघर्षो के बाद राहुल को बोर से 15 जून की आधी रात को बाहर निकाल लिया गया। जिसके बाद वहां तैनात मेडिकल टीम उसे लेकर सीधे बिलासपुर पहुँची। इसके लिए बिलासपुर एसपी पारुल माथुर ने ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। अपोलो में चिकित्सको ने एक सप्ताह तक इलाज का राहुल को स्वस्थ कर दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली दौरे से लौट कर राहुल को देखने सीधे अपोलो पहुँचे। उन्होंने राहुल की पढ़ाई व इलाज का पूरा खर्च उठाने का एलान भी किया। गौरतलब है कि राहुल बोल व सुन नही पाता। उसकी स्पीच थैरेपी से इलाज भी डाक्टर कर रहे हैं।
राहुल अब पूरी तरह स्वस्थ्य हो चुका है। उसके बाद मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने राहुल आज अपने परिजनों के साथ पिहरिद से बस से राजधानी रवाना हुआ है। गांव वालों के द्वारा राहुल के लिए स्पेशल बस की है। जिसमे गांव वालों के अलावा क्षेत्र के कांग्रेस नेता भी सवार है। गांव वालों के अनुसार गांव में जल स्तर कम करने के लिए लगातार बोर चलाई जा रही थी जिससे गांव में पक्की सड़क न होने से कीचड़ हो गयी थी। बरसात में भी वहां कीचड़ फैल जाता है। लिहाजा ग्रामीण मुख्यमंत्री से गांव में पक्की सड़क बनाने की भी मांग करेंगे।