सदन में पलायन के मुद्दे पर अध्यक्ष महंत नाराज़.. सदन में कहा -"पलायन छत्तीसगढ़ के माथे पर कलंक,जांजगीर मुंगेली रायगढ़ में रोकने की व्यवस्था हो"

Update: 2022-03-21 13:48 GMT

रायपुर,21 जनवरी 2022। सदन में पलायन के मुद्दे पर सरकार ने यह स्वीकार किया है कि बीते वर्ष से लेकर 15 फ़रवरी 2022 तक अकेले महासमुंद ज़िले के 551 गाँवों से तीस हज़ार ग्रामीण मज़दूरी के लिए पलायन कर चुके हैं।

प्रश्नकाल में यह प्रश्न पहले नंबर पर था। विधायक धनेंद्र साहू की ओर से यह प्रश्न आया था जो नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया को संबोधित था।

मंत्री शिव डहरिया ने इस प्रश्न के उत्तर में यह माना कि महासमुंद ज़िले से तीस हज़ार ग्रामीणों ने पलायन किया है। इस पर कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने सदन में कहा

"पुलिस के संरक्षण में पलायन हो रहा है, माफिया सक्रिय है"

इस पर मंत्री शिव डहरिया ने कहा

"कलेक्टरों को स्किल अनुरुप काम दिए जाने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय उद्योगों में रोज़गार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं"

इस पूरे संवाद के बीच आसंदी में मौजुद विधानसभा अध्यक्ष महंत ने दो टूक व्यवस्था दी-

"पलायन छत्तीसगढ़ के माथे का कलंक है, जांजगीर, मुंगेली रायगढ़ में लगातार पलायन हो रहे हैं इसे रोकने की व्यवस्था करें"

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