Sawan ki puja: अपनी राशि के अनुसार सावन में करें ये उपाय, कालसर्प हो या कोई भी दोष होगा निदान
रायपुर। Sawan ki puja: निर्विकार, साकार , लिंगात्मक शिव का जिस रुप में ध्यान करें वो प्रसन्न होते है। और सावन मास में में जल से सराबोर होकर खुशियां भर देते हैं। सावन में शिव की विशेष पूजा, जलाभिषेक व्रत उपवास का बहुत महत्व होता हैं । सावन में नियमित रूप से किए गए पूजन कर्म से भगवान शिव बहुत ही जल्द प्रसन्न होते हैं। भगवान की प्रसन्नता से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं, दरिद्रता से मुक्ति मिल सकती है। सभी देवी-देवताओं में भोलेनाथ का विशेष स्थान है।
शिवपुराण के अनुसार इस संपूर्ण सृष्टि की रचना शिवजी की इच्छा से ही ब्रह्माजी ने की है। महादेव की पूजा से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और कुंडली के ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। राशि के अनुसार सावन में पूरे मास या फिर हर सावन की सोमवार को उपाय करें तो कल्याण होगा।
मेष: सावन में इस राशि के जातकों को जल से महादेव का अभिषेक करना चाहिए। जिससे की इस राशि वाले जातको के मन की अग्नि की ज्वलन कम हो सके।
वृषभ: सावन में इस राशि के जातकों को गंगा जल मिश्रित जल या गंगा जल महादेव को अर्पित करने से स्वभाव शांत होता है। आचरण स्नेहमय होता है।सहनशक्ति में बढ़ोत्तरी होती है
मिथुन: सावन में इस राशि के जातक शिवलिंग पर बेलपत्र गन्ने का रस अर्पित करें।
कर्क: सावन में इस राशि के जातक को दूध से महादेव के शिवलिंग का अभिषेक करे। दूध अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है।
सिंह: सावन में इस राशि के जातक शहद अर्पित करते हुए महादेव का अभिषेक करे। शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है।
कन्या: सावन में शिवलिंग को गन्ने के रस से स्नान कराए।ॐ नमः शिवाय का जाप करते रहे।
तुला: सावन में इस राशि के जातक चांदी से निर्मित सर्प महादेव को अर्पित करें।
वृश्चिक: सावन में भगवान शिव को ईत्र से स्नान कराए। ईत्र से स्नान करवाने से विचार पवित्र होते हैं। लाल वस्त्र अर्पित करें।
धनु: सावन में इस राशि के जातक शिवलिंग पर केशर युक्त दूध अर्पित करे। ऐसा करने से सौम्यता प्राप्त होती है।
मकर: सावन में भांग चढ़ाए या भांग के जल से अभिषेक करें, भांग चढ़ाने से विकार और बुराइयां दूर होती हैं।
कुंभ : सावन में चंदन चढ़ाने से हमारा व्यक्तित्व आकर्षक होता है। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। दूर-दूर तक प्रसिद्धि फैलती है।
मीन: सावन में मंत्रों का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से हमारा स्वभाव शांत होता है। आचरण स्नेहमय होता है।पीले पदार्थो का भोग लगाएं।