पोहा वाली आंटी: छत्तीसगढ़ की पोहा वाली आंटी बनी जज्बे की मिसाल, इंडियन आइडल में दिखाया गया संघर्ष की कहानी

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Update: 2022-12-21 15:36 GMT

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बिलासपुर। पति की मौत के बाद बच्चो की परवरिश के लिए चाय पोहा की दुकान लगाते लगाते न्यायधानी की महिला पोहा वाली आंटी बन गई। पूरे शहर में उनकी पहचान पोहा वाली आंटी के रूप में होने लग गई। उनके संघर्ष व मेहनत का किसी ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया में डाल दिया। जिसके बाद सोनी टीवी चैनल के लोकप्रिय इंडियन आईडल शो में उन्हें अतिथि के रूप में बुलाकर उनके संघर्ष भरी कहानी से देशवासियों को अवगत करवाया गया।

हम बात कर रहे हैं सविता गुप्ता की। जिन्होंने अपने मेहनत के बलबूते पर न केवल अपने बच्चो को पाला। बल्कि खुद भी आत्मनिर्भर होकर अपना एक मुकाम बनाया। बिलासपुर के सीपत चौक सरकंडा में रहने वाली सविता गुप्ता की हिम्मत और उनके जज्बे को देखते हुए सोनी टीवी चैनल के लोकप्रिय इंडियन आईडल शो में अतिथि के रूप में बुलाकर उनके संघर्ष भरी कहानी से देशवासियों को प्रेरणा देने का काम किया गया है। 15 दिसंबर को उनके शो का प्रसारण किया गया, जिसमें उन्होंने अपने संघर्ष भरी दास्तान से देशवासियों को अवगत कराया।

मुंबई से वापस लौट कर बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंची सविता गुप्ता उनकी बेटी तपस्या गुप्ता और सहयोगी अंशु सिंह ने बताया कि किस तरह से उनकी मेहनत को देशवासियों के समक्ष इंडियन आइडल ने बतौर एक प्रेरणा स्रोत के रूप में सामने रखा है।सविता ने बताया कि पति के देहांत के बाद बच्चों को पालना, पढ़ाना लिखाना उसके समक्ष एक बहुत बड़ी चुनौती थी, जिसका किसी तरह से उसने सामना किया और आज पोहा चाय और टिफिन का काम करके उसने अपने मजबूत इरादे और जज्बे को लोगों के सामने रखा है। हर दिन सुबह ढाई बजे जग कर लोगों के लिए पोहा और चाय बनाकर सेवा देने वाली सविता गुप्ता ने बताया कि उनका संघर्ष वर्षों से जारी है और इसी के बदौलत उसने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का काम किया है। अकेली एक महिला को आधी रात से काम करते हुए देखना हर किसी को आश्चर्य में डाल देता है। उनके इसी काम को शूट करके किसी ने सोशल मीडिया में डालकर वायरल कर दिया जिसे 12 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा। वायरल हुई वीडियो को देखकर मुंबई से इंडियन आइडल की टीम ने सविता गुप्ता को मुंबई बुला लिया और अपने कार्यक्रम के जरिए उसकी मेहनत को देशवासियों के सामने रखा।

दसवीं क्लास तक पढ़ी सविता गुप्ता मूलतः दिल्ली की रहने वाली है। शादी होने के बाद वह बिलासपुर में आकर रहने लगी है। पति के निधन के बाद उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया था मगर जिस तरह से उसने परिवार को संभाला उसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। गायत्री मंदिर के सामने छोटी सी दुकान लगाकर वह न सिर्फ अपने बच्चों का जीवन सवार रही है बल्कि लोगों के लिए एक आदर्श भी बन चुकी है। सविता बहुत ही स्पष्ट रूप से कहती है कि वह अपने काम में किसी नौकर का सहयोग ना लेकर खुद काम करना ज्यादा पसंद करती है।सरकंडा क्षेत्र में सविता गुप्ता पोहा वाली मैडम के रूप में पहचान बना चुकी हैं। 2008-9 से उसका यह काम लगातार चल रहा है।

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