कोरोना के नए वेरिएंट से दुनिया में दहशत: जानिए डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक कोरोना का नया वेरिएंट 'ओमिक्रोन'...ओमीक्रोन कैसे पड़ा नाम और कितने देशों में बरपा रहा है कहर?
नईदिल्ली 28 नवंबर 2021. दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नए वेरिएंट को B.1.1.529 कहा है और इसे ओमिक्रोन नाम दिया गया है. WHO ने इसे खतराक मानते हुए लोगों को आगाह किया है. इस हफ्ते पहली बार नए वेरिएंट की पहचान दक्षिण अफ्रीका में हुई. उसके बाद यह स्ट्रेन बोत्सवाना सहित आसपास के कई और देशों में फैल गया है.
WHO ने सभी देशों को निगरानी और सीक्वेंसिंग बढ़ाने, पूर्ण जीनोम सीक्वेंस और संबंधित मेटाडेटा, और इससे जुड़े शुरुआती मामलों की रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है. उसी के मद्देनजर, भारत के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने स्वास्थ्य मंत्रालय को बताया है कि बोत्सवाना (4 मामले), दक्षिण अफ्रीका (22 मामले), और हांगकांग (2 मामले) में कोविड-19 वैरिएंट B.1.1529 के कई मामले सामने आए हैं. मंत्रालय का कहना है कि इस वैरिएंट में काफी ज़्यादा म्यूटेशन हो सकता है.
कहा जा रहा है कि नए वैरिएंट में असामान्य रूप से बहुत ज़्यादा म्यूटेशन है. दक्षिण अफ्रीका में सेंटर फॉर एपिडेमिक रिस्पाॉन्स एंड इनोवेशन के विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें असामान्य म्यूटेशन का पता लगा है जो बाकी वैरिएंट से बहुत अलग है. अब तक कुल मिलाकर 50 म्यूटेशन का पता चला है और स्पाइक प्रोटीन पर 30 से ज़्यादा म्यूटेशन मिले. अधिकांश टीके इसी पर काम करते हैं. और इसी से वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करता है.
मीडिया की रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिण अफ्रीका में मिले नए वेरिएंट ओमीक्रोन पर कोरोना रोधी टीका कितना असरदार है, यह कह पाना मुश्किल है. इस नए वेरिएंट के सामने आने के बाद दुनिया के कई देशों ने अपने यहां दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है और फिलहाल, एक बार फिर हवाई सेवाओं पर रोक लगा दी है. विमानों के परिचालन पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद कोरोना का नया वेरिएंट तेजी से अपना पैर पसारता नजर आ रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आगाह करते हुए कहा है कि कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के वास्तविक खतरों को अभी समझा नहीं गया है, लेकिन शुरुआती साक्ष्यों से यह पता चलता है कि दूसरे अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट्स के मुकाबले ओमीक्रोन की वजह से दोबारा संक्रमित होने का खतरा अधिक है. इसका मतलब है कि जो लोग कोरोना संक्रमण से उबर गए हैं, इस नए वेरिएंट से वे दोबारा संक्रमित हो सकते हैं.