बोरियत से बजट को बचाने अबकी सीएम के रणनीतिकारों ने ये किया...बजट पर लोगों की उत्सुकता बनी रही

Update: 2022-03-09 15:14 GMT

रायपुर 9 मार्च 2022। आमतौर पर बजट भाषण का आधा से अधिक हिस्सा बोरियत भरा होता है। उनमें ऐसे आंकड़ें और तथ्य होते हैं, जिससे आम आदमी का कोई वास्ता नहीं होता। आखिरी 15 से 20 मिनट घोषणाएं और राहतों के लिए होती है और इसी पर टकटकी लगाए बैठे होते हैं। लेकिन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बजट भाषण आज अलग रहा।

पांचवे मिनट में उन्होंने कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने का ऐलान कर लोगों की उत्सुकता बढ़ा दिया। इसके बाद हर पांच मिनट बाद वे कोई-न-कोई घोषणा कर रहे थे। मसलन, पुरानी पेंशन योजना के बाद उन्होंने पीएससी और व्यापम की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के छात्रों की फीस माफ करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद पांच मिनट बाद विधायकों समेत अन्य कई जनप्रतिनिधियों को मानदेय और भत्ता की घोषणा। बताते हैं, मुख्यमंत्री के रणनीतिकारों ने बजट को लेकर लोगों की कौतूहल शुरू से लेकर अंत तक बनी रहे, इसलिए ऐसा बजट तैयार किया गया कि बीच-बीच में घोषणाएं भी चलती रहे। यही वजह है कि सीएम का बजट भाषण कब शुरू हुआ और कब खतम, पता ही नहीं चला। पूरे समय लोगों की निगाहें बजट भाषण पर टिकी रहीं।

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