Mukherjee Nagar Fire Case: दिल्ली पुलिस ने कोचिंग संचालक सहित दो को किया गिरफ्तार, जानिए क्या हुआ?
Mukherjee Nagar Fire Case: दिल्ली (Delhi) के मुखर्जी नगर (Mukherjee Nagar) के कोचिंग सेंटरों में आग लगने के मामले में पुलिस ने आज यानी शुक्रवार को कोचिंग संचालकों से पूछताछ की। इसके अलावा पुलिस ने हादसे में घायल हुए छात्रों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं।
Mukherjee Nagar Fire Case: मुखर्जी नगर कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बत्रा कॉम्प्लेक्स के भंडारी हाउस में आग लगने के बाद मुखर्जी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। उत्तर पश्चिम दिल्ली के डीसीपी जितेंद्र मीणा ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 336, 337, 338, 120 बी और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के हिस्से के रूप में, 12 छात्रों और चार स्टाफ सदस्यों के बयान दर्ज किए गए। डीसीपी ने कहा कि नतीजतन, मुखर्जी नगर निवासी 45 वर्षीय शिवेश मिश्रा और मॉडल टाउन निवासी 54 वर्षीय श्याम सुंदर भारती को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, एक अदालत ने बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया।
पुलिस ने खुलासा किया कि गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्ति बिल्डिंग के भीतर चल रहे कोचिंग सेंटर से जुड़े थे। इनमें से एक संस्थान का सीईओ है, जबकि दूसरा दूसरे कोचिंग संस्थान का मालिक है। इससे पहले दिन में, दिल्ली हाईकोर्ट ने मुखर्जी नगर आग की घटना में अग्निशमन सेवा, पुलिस और दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी किया था। जस्टिस जसमीत सिंह और विकास महाजन की अवकाश पीठ ने दिल्ली अग्निशमन सेवा को अग्नि सुरक्षा ऑडिट करने और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किए गए या नहीं, इसकी जांच करने का निर्देश दिया और स्वत: संज्ञान मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार को मुखर्जी नगर थाने में बत्रा कॉम्प्लेक्स के पास भंडारी हाउस बिल्डिंग में आग लगने की एक पीसीआर कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस की एक टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। अधिकारी ने कहा कि बचाव कार्य तुरंत शुरू किया। लगभग 10 फायर टेंडर और 16 कैट एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा था कि आग पर काबू पा लिया गया और पहली व दूसरी मंजिल से छात्रों को बचा लिया गया। घटना के समय विभिन्न कोचिंग सेंटरों के लगभग 200-250 छात्र कक्षाओं में भाग ले रहे थे। कुल मिलाकर इस घटना में 61 छात्र घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इमारत के भूतल पर लगे बिजली के मीटरों में आग लगी थी।
पुलिस ने बताया कि मामले में जांच अभी भी जारी है। इमारत की थ्री डी मैपिंग कराई जा रही है, ताकि आग लगने के दौरान के हालात का पता चल सके। दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में पुलिस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में लगी है। इस रिपोर्ट में हर एक छोड़ी से लेकर बड़ी बातों का जिक्र किया जाएगा। पुलिस मामले में रिपोर्ट तैयार कर अदालत में दाखिल करेगी। पुलिस ने कहा कि मामले में जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये है पूरा मामला
बता दें कि 15 जून यानी गुरुवार को आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट (IAS Coaching Institute) में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भीषण थी कि छात्र दरवाजे से निकलकर बाहर नहीं निकल पाए, बल्कि छात्र और छात्राओं ने तार से नीचे उतर कर अपनी जान बचाई। आनन-फानन में इसकी जानकारी दमकल विभाग (Fire Brigade) को दी गई। इसके बाद फायर बिग्रेड की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। बता दें कि इस हादसे में 4 छात्र घायल हो गए थे। बता दें कि आग दोपहर 12.30 बजे के आसपास लगी थी।