बड़ी सर्जरीः डीजीपी बदलने के बाद पुलिस मुख्यालय में होगी बड़ी उलटफेर, विज को PHQ से अन्यत्र किया जाएगा एडजस्ट, इन आईपीएस अधिकारियों की हो सकती है पुलिस मुख्यालय वापसी
रायपुर, 12 नवंबर 2021। अशोक जुनेजा ने आज सुबह पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाल लिया। जुनेजा के आने के बाद खबर है, पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण चेंजेस किए जाएंगे। इनमें से कुछ पीएचक्यू से बाहर जाएंगे और कुछ वापिस आएंगे।
जुनेजा के डीजीपी बनने के बाद पीएचक्यू में योजना और प्रबंध किसे दिया जाएगा, ये सवाल खड़ा हो गया है। डीजीपी और खुफिया चीफ के बाद योजना और प्रबंध सबसे अहम विभाग माना जाता है। फिलहाल स्पेशल डीजी आरके विज के पास ये विभाग है। मगर चूकि उनके जूनियर जुनेजा डीजीपी बन गए हैं लिहाजा, विज को पुलिस मुख्यालय से बिदा लेना होगा। क्योंकि, जूनियर के नीचे सीनियर काम नहीं करता, ये परिपाटी बनी हुई है। हालांकि, 88 बैच में विज के साथ ही संजय पिल्ले और मुकेश गुप्ता भी हैं। लेकिन, संजय पिल्ले पहले से पीएचक्यू से बाहर जेल का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं। और मुकेश गुप्ता सस्पेंड हैं।
आरके विज फिलहाल लंदन में है। उनका अगले महीने 31 दिसंबर को रिटायरमेंट है। सरकार अगर चाहे तो सम्मानजनक बिदाई के लिए एक महीने के लिए कोई चार्ज दे सकती है।
जुनेजा के सामने दिक्कत यह आएगी कि पुलिस मुख्यालय में अफसर ही नहीं है। आईजी और एडीजी पुलिस मुख्यालय के बैक बोन होते हैं। और इस लेवल पर भारी कमी है। एडीजी में हिमांशु गुप्ता, एसआरपी कल्लूरी और विवेकानंद हैं। उसमें भी कल्लूरी हंांसिये पर रहते हैं। उनके पास सिर्फ ट्रेनिंग का प्रभार है।
एडीजी में पवनदेव हाउसिंग कारपोरेशन में हैं। पता चला है, पवनदेव पीएचक्यू लौट सकते हैं। एडीजी प्रदीप गुप्ता लोक अभियोजन में हैं। प्रदीप गुप्ता को भी पीएचक्यू बुलाया जा सकता है। लोक अभियोजन में वैसे भी कोई खास वर्क होता नहीं। अगले महीने तक जुनेजा से जस्ट नीचे 90 बैच के राजेश मिश्रा भी डेपुटेशन से वापिस लौट सकते हैं। राजेश मिश्रा, पवन देव और प्रदीप गुप्ता के आने के बाद फिर पुलिस मुख्यालय में जुनेजा की टीम स्ट्रांग हो जाएगी।