Maharashtra politics: भतीजे ने चाचा को किया किनारे, 40 विधायकों के समर्थन के दावा के साथ अजित बने राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष, शरद की बैठक में पहुंचे 13 MLA

महाराष्‍ट्र में सियासी घमासान तेज हो गया है। एनसीपी के दोनों गुटों की आज बैठक हुई। इसमें दोनो ही गुटो ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्‍ह पर अपना- अपना दावा किया है।

Update: 2023-07-05 12:39 GMT

मुम्‍बई। महाराष्‍ट्र में (Maharashtra politics) राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( NCP) के दोनों गुटों के बीच घमासान बढ़ता दिख रहा है। चाचा शरद पवार से बगावत कर भाजपा- शिवसेना गठबंधन की सरकार में शामिल होने वाले भतीजे अजित पवार ने अब एनसीपी पर अपना दावा ठोक दिया। आज दोनों गुटो की अगल-अलग बैठक हुई। 53 में से 40 विधायकों का समर्थन का दावा करते हुए अजित ने पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष की कुर्सी को अपना बता है। हालांकि उनके गुट की बैठक में 31 विधायक पहुंचे थे। वहीं शरद पवार की बैठक में 13 ही विधायक दिखाई दिए।

चाचा को दी रिटायरमेंट लेने की सलाह

अजित पवार ने अपने खेमे के विधायकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चाचा शरद पवार को रिटायरमेंट लेने की सलाह दी। उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र के सरकारी कर्मचारी 58 और केंद्रीय कर्मचारी 60 वर्ष में रिटायर हो जाते हैं। भाजपा के नेता 75 वर्ष में रिटायर मान लिए जाते हैं। आप (शरद) 80 वर्ष के हो गए हैं। आपको भी अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए।

दोनों गुटो का पार्टी के नाम और चिन्‍ह पर दावा

इस बीच पार्टी दोनों गुटो ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्‍ह पर अपना- अपना दावा ठोक दिया। इसकी पहल शरद गुट ने की है। शरद गुट ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि यदि कोई भी एनसीपी के चुनाव चिन्‍ह पर दावा करता है तो उनकी बात पहले सुनी जाए। इसके कुछ देर बाद ही अजित गुट ने 40 विधायकों के हलफनामा के साथ पार्टी पर अपना अधिकार बताया है।

अजित बने राष्‍ट्रीय अध्यक्ष

चुनाव आयोग के लिखे पत्र में अजित गुट ने अजित पवार को एनसीपी का नया अध्‍यक्ष चुने जाने का दावा किया है। पार्टी की तरफ से बताया गया है कि कार्यकारी अध्‍यक्ष प्रफल्‍ल पटेल ने 30 जून को राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई थी। इसमें अजित पवार को अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्‍ताव पास किया था।

अजित गुट ने कहा- शरद पवार आज भी हमारे नेता और गुरु

अजित गुट ने शरद पवार को अपना नेता और गुरु बताया है। अजित पवार ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि शरद पवार हमारे नेता और गुरु हैं, लेकिन आज देश में जिस तहर की राजनीति चल रही है वह देखने की जरुरत है। हम एससी, एसटी, ओबीसी और अल्‍पसंख्‍यकों के लिए काम करना चाहते हैं। अजित ने कहा कि 1980 में कांग्रेस की सुनामी आई और इंदिरा गांधी फिर से प्रधानमंत्री बन गईं। अजित ने कहा कि इतिहास देखिए देश को करिश्‍माई नेतृत्‍व की जरुरत है। अजित ने सवाल किया है कि अब वह जनता पार्टी कहां है जो 77 में सत्‍ता में थी। अजित ने कहा कि अब वे कहीं नहीं है क्‍योंकि उनके पास करिश्‍माई नेतृत्‍व नहीं है।

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