सस्ती हो गई शराब: घर पर बार खोलने की मिली इजाजत...अब रख पाएंगे 4 पेटी बीयर- 24 बॉटल शराब..

Update: 2022-01-20 09:38 GMT

भोपाल 20 जनवरी 2022. मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को राज्य में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई कैबिनेट की बैठक में नीति को मंजूरी मिलने के बाद राज्य में शराब की खरीद और बिक्री पर कई बदलाव होंगे. यह नीति अप्रैल 2022 से लागू होगी. नई शराब नीति की वजह से विदेशी यानी अंग्रेजी शराब सस्ती मिलेगी. इसके साथ ही सरकार ने घर पर शराब रखने की सीमा भी बढ़ा दी है. अब लोग मौजूदा अनुमति से 4 गुना ज्यादा शराब घर पर रख सकते हैं. एक अप्रैल से मध्य प्रदेश के लोग घर में 4 पेटी बीयर और 24 बॉटल शराब रख सकेंगे.

इसके अलावा सरकार ने राज्य के सभी हवाई अड्डों पर तथा 4 बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर के सुपर मार्केट में शराब की खुदरा बिक्री की मंजूरी दे दी है. मजेदार है कि सरकार ने घर पर बार खोलने की इजाजत भी दे दी है. हालांकि ये मंजूरी सिर्फ उन्हें मिलेगी, जिनकी सालाना इनकम (Annual Income) 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसके लिए 50 हजार रुपये का सालाना शुल्क भरना होगा.

नई आबकारी नीति में जिला स्तरीय उच्चाधिकार के पास जरुरत पड़ने पर शराब की दुकानों का स्थान बदलने का अधिकार दिया गया है. इस समिति में जिला अधिकारी और विधायक शामिल होते हैं. सरकार ने लोगों के लिए घर पर शराब रखने की लिमिट भी बढ़ा दी है. अभी राज्य में घर पर 1 पेटी बीयर और 6 बॉटल शराब रखने की इजाजत है. इस लिमिट को 4 गुना बढ़ाया गया है.

राज्य सरकार के सामने शराब की नई दुकानें खोलने का प्रस्ताव भी आया था, जिसे कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिल पाई. अभी राज्य में देसी शराब की 2544 और अंग्रेजी शराब की 1061 दुकानें हैं. नई नीति में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब देसी और अंग्रेजी शराब के लिए अलग दुकानें नहीं होंगी. शराब की सभी दुकानों पर दोनों किस्मों की एक साथ बिक्री की जा सकती है. इस फैसले के बाद अब एक ही दुकान पर भारत निर्मित अंग्रेजी शराब, देसी शराब और बीयर की बिक्री की जा सकेगी.

सरकार की नई नीति में पर्यटन स्थलों पर ईको पर्यटन बोर्ड और पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित अस्थाई दुकानों को रियायती दर पर बार का लाइसेंस दिया जा सकता है. अब राज्य के दो शहरों भोपाल और इंदौर में माइक्रोब्रीवरीज भी खोली जा सकेंगी. माइक्रोब्रीवरीज में सीमित मात्रा में बीयर तैयार की जाती है और वहीं पीने के लिए मुहैया कराई जाती है. अभी इस तरह की सुविधा देश के कुछ बड़े शहरों तक सीमित थी. मध्य प्रदेश में पहली बार इसकी शुरुआत हो रही है.

नई नीति के तहत सरकार ने होमबार लाइसेंस का ऐलान भी कर दिया है. अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 1 करोड़ रुपए है तो वह व्यक्ति घर पर बार खोल सकता है. इसके अलावा घर पर शराब रखने की लिमिट भी सरकार ने बढ़ा दी है. अब कुल अनुमति से 4 गुणा ज्यादा शराब रख सकते हैं. फिलहाल घर में एक पेटी बीयर, 6 बॉटल वाइन या 4 बॉटल स्पिरिट रखने की इजाजत है.

आबकारी नीति में मध्य प्रदेश में किसानों द्वारा अंगूर से तैयार शराब को शुल्क मुक्त किया जाएगा। मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद ने पिछले वर्ष नवंबर में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित नई विरासत शराब नीति को भी मंजूरी दी थी। इसमें आदिवासियों को पारंपरिक तरीके से महुआ के फूलों से शराब बनाने और बेचने में सक्षम बनाने का प्रावधान है।

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