गुटखा कारोबारी के घर छापा: कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारी नजारा देख रह गए दंग... किचन में पड़े थे करोड़ों कैश, तीन बक्‍सों में नोट भरकर ले गए अफसर...

Update: 2022-04-15 07:05 GMT

लखनऊ (हमीरपुर) 15 अप्रैल 2022। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग की टीम ने गुटखा व्यवसायी के मकान एवं फैक्टरी में करीब 18 घंटे तक छापे की कार्रवाई की। इसमें करीब साढ़े छह करोड़ से ज्यादा की नकदी और बड़ी मात्रा में सोना भी बरामद किया गया। सीजीएसटी की टीम ने बरामद नकदी व अन्य सामान तीन बक्सों में भरकर एसबीआई के अधिकारियों के सुपुर्द किया है। जांच में पता चला कि गुटखा व्यवसायी अपना करोड़ों का गोरखधंधा दो नौकरों के नाम से कर रहा था।

दरअसल, हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे की पुरानी गल्ला मंडी में दयाल गुटखा के निर्माता जगत गुप्ता का घर है। यहीं मंगलवार सुबह सीजीएसटी की कानपुर टीम ने दबिश दी।टीम के आने पर व्यापारी के घर का दरवाजा नहीं खोला गया था. अफसरों ने दबाव बनाया तब टीम अंदर जा सकी। यहां मिली साामग्री का टीम के एक दर्जन अधिकारी अकाउंट से मिलान कर रहे हैं। गुटखा कारोबारी के तमाम दस्तावेज, बैंक खाते व लैपटाप कब्जे में ले लिए गए हैं।बताया जा रहा है कि दोनों भाई जगत गुप्ता और प्रदीप गुप्ता अलग-अलग फर्म के माध्यम से सरकार की टैक्स चोरी करते थे। छापेमारी को लेकर पूरे कस्बे के कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।

करीब 18 घंटे की सीजीएसटी की रेड के बाद 6 करोड़ 31 लाख 11 हजार 800 रुपये की बरामदगी हुई थी। सीजीएसटी टीम ने 80 लाख रुपए का माल भी पान मसाला फैक्ट्री से बरामद किया था। थाना सुमेरपुर इलाके पान मसाला व्यापारी जगत गुप्ता घर में ही फैक्ट्री लगाकर दयाल पान मसाला बनाता था।

कानपुर के सीजीएसटी के कमिश्नर सोमेश तिवारी ने बताया कि गुटखा कारोबारी के आवास को खंगाला और तमाम गड़बड़ियां पकड़ी गई है। पूरे घर को खंगालकर साढ़े छह करोड़ रुपये कब्जे में लिए है। यह कैश किचन व बेड के गद्दे और अन्य कमरों में बड़ी होशियारी से छिपाकर रखे गए थे. बताते है कि बरामद कैश में छोटे से लेकर बड़े नोटों का भारी अम्बार देख नोट गिनने वाले कर्मी भी दंग रह गए।

जगत गुप्ता के बारे में...

हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के पुरानी गल्ला मंडी (थाने के पीछे) रहने वाला जगत गुप्ता पहले गल्ला का कारोबार करता था. वह इस व्यापार में पूरी तरह से फेल गया था। इसने अपने दो दोस्तों को पार्टनर बनाकर 2001 में गुटखा बनाने का कारखाना अपने घर में लगाया था। शुरू में इसने चन्द्रमोहन ब्रांड का रजिस्ट्रेशन कराया।

कुछ ही समय में इस ब्रांड का गुटखा बुन्देलखंड के आसपास के जिलों में मशहूर हो गया था। इस कारोबार से उसकी किस्मत ही चमक गई. सीजीएसटी टीम की रेड में गुटखा कारोबारी और उसके सगे भाई के ठिकाने से टैक्स चोरी का बड़ा मामला पकड़ा गया है। सीजीएसटी के कमिश्नर सोमेश तिवारी ने बताया कि 6.31 करोड़ से अधिक की नगदी मिली है। जगत गुप्ता के घर के अलावा गुटखा कारोबारी के रिश्तेदार रामऔतार गुप्ता, सहदेव गुप्ता के आवास के साथ ही बिरहाना रोड कानपुर स्थित इनकी फर्मों के कंसस्टेंट कीर्ति शंकर शुक्ल के दफ्तर की भी तलाशी कराई गई है। इससे पहले 2011 में तत्कालीन डीएम जी। श्रीनिवास ने भी गुटखा फैक्ट्री में छापेमारी की थी.2011 में अवैध कारोबार और टैक्स चोरी में डीएम ने फैक्ट्री को सील कर दिया था। बताते हैं कि उस समय दो स्थानों पर मशीनें लगाकर गुटखा का कारोबार चल रहा था। कार्रवाई के बाद कई महीने तक फैक्ट्री बंद रही थी. इस छापेमारी में राकेश गुप्ता के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई थी।


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