जीपी सिंह केस एक घंटे से उपर चली बहस.. ज़ीपी के वकीलों की दलील -फ़र्ज़ी केस है परेशान करने के लिए गढ़ा गया अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतों बोले - आरोप सही..अपराध घटित हुआ है..जीपी ने जाँच में सहयोग नही किया.. जेल या बेल अब तक कोई आदेश नहीं

Update: 2022-01-18 11:04 GMT

रायपुर,18 जनवरी 2022। निलंबित IPS जीपी सिंह को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम श्रीमती लीना अग्रवाल के यहाँ पेश करने के बाद क़रीब घंटे भर तक जीपी की ज़मानत को लेकर बहस चलती रही। निलंबित ADG जीपी सिंह के वकीलों ने पूरे मामले को फ़र्ज़ी करार देते हुए दलील दी कि कोई आरोप नही बनता इसलिए ज़मानत दी जाए। जबकि सरकार की ओर से विशेष तौर पर उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतों दास ने आरोपों को सही बताया और ज़मानत याचिका का विरोध किया।

एक घंटे से कुछ देर ज़्यादा समय तक चली बहस के दौरान निलंबित IPS जी पी सिंह की मुखमुद्रा एकदम शांत थी। बहस के दौरान जीपी सिंह के वकील आशुतोष पांडेय और श्रीधर ने अदालत से आग्रह किया कि जीपी सिंह को स्वास्थ्य गत परेशानी हैं।उन्हें ह्रदय में शिकासत है और बीपी की भी परेशानी है।

इस बहस के बाद अब से कुछ देर पहले जीपी सिंह को कोर्ट रुम से बाहर लॉबी में लाया गया है, क़यास है कि कुछ ही देर में विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल इस बहस पर फ़ैसला सुनाएगी।

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