जीपी केस: अदालत छावनी में तब्दील.. लिफ़्ट पर जाने से रोक.. सतर्कता के अभूतपूर्व इंतज़ाम.. रस्सी से घेर दिया पाँचवें मंज़िल को

Update: 2022-01-18 12:04 GMT

रायपुर,18 जनवरी 2022। निलंबित AGD जीपी सिंह उन अधिकारियों और अमले के बीच ज़िला कोर्ट के पांचवे माले में बेंच पर बैठे हुए जो भी सोच रहे होंगे लेकिन कोई विशेष सम्मान उन्हें अपने विभाग के सिपाही तक से नहीं नसीब हुआ। पांचवे मंज़िल पर जज लीना अग्रवाल के चैंबर के सामने मौजुद लॉबी को रस्सी से घेर दिया गया है और निलंबित IPS जीपी सिंह उस घेरे के भीतर जेल या फिर बेल के मसले पर अदालत के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं।

अदालत में पांचवे मंज़िल जाने की राह भी आसान नहीं है। जिन्हें जाना है उनके लिए सीढ़ी है पर हर मंज़िल की सीढ़ी की शुरुआत में सिपाहियों के सवाल मौजुद है। लिफ़्ट में प्रवेश रोक दिया गया है।

अदालत परिसर में राजधानी पुलिस के एडिशनल एसपी तारकेश्वर पटेल की अगुवाई में तीन डीएसपी 6 टीआई और क़रीब तीस की संख्या में बल मौजुद है। वही EOW की ओर से एडिशनल एसपी महेश्वर माँग की अगुवाई में दो टीआई और पाँच कॉंस्टेबल मौजुद हैं।

मीडिया की मौजूदगी इस माले पर नहीं है जहां कुछ महिने पहले तक सर्वशक्तिमान की भुमिका में जीपी सिंह की शख़्सियत हुआ करती थी। आज जीपी सिंह के इर्द गिर्द उनके वकील और रिश्तेदार के अलावा कोई भी नहीं है।

पुलिस की यह मौजूदगी के पीछे सुरक्षित एक कारण है पर सतर्कता उससे ज़्यादा मसला है। पिछली बार की दो पेशियों में जिस अंदाज में जीपी की तस्वीरें आई और मीडिया से संवाद हो गया उसका दोहराव ना हो इसलिए यह सतर्कता है।

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