कॉमेडी किंग से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक...कभी की थी नवजोत सिद्धू के शो में कॉमेडी...अब बनेंगे पंजाब के सीएम...
नईदिल्ली 10 मार्च 2022। पंजाब की जनता ने भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाते हुए इस बार दिल्ली के केजरीवाल मॉडल पर अपना भरोसा जताया है और भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार बनाए जाने का रास्ता साफ कर दिया है। पंजाब में इस बार भगवंत मान के सिर मुख्यमंत्री पद का सेहरा बंधना तय हो गया है। राज्य में आम आदमी पार्टी बड़े बहुमत से चुनाव जीतने वाली है। वहीं भगवंत मान ने भी अपनी धुरी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज कर ली है। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के दलबीर सिंह गोल्डी चुनाव हार गए हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री बनने जा रहे भगवंत मान के पॉलिटिकल करियर की चर्चा हर जगह हो रही है। मगर पॉलिटिक्स में आने से पहले वो पंजाब के सबसे चर्चित कॉमेडियन थे। इस चीज़ ने राजनीति में उनकी बहुत मदद की। उन्हें पब्लिक कॉमेडी और एक्टिंग की वजह से जानती और पसंद करती है। भगवंत मान ने अपने कॉलेज के दिनों से ही कॉमेडी करनी शुरू कर दी थी। कई इंटर-कॉलेज कॉम्पटीशन जीते। बी. कॉम फर्स्ट ईयर के बाद कॉलेज छोड़ दिया मगर कॉमेडी जारी रखी। वो समसामयिक विषयों पर सटायरिकल कॉमेडी करते थे।
दरअसल, राजनीति में आने से पहले भगवंत मान कई फिल्मों और कॉमेडी शोज में नजर आए हैं। साल 2005 में 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' में सिद्धू जज थे और इसी शो के एक एपिसोड में भगवंत मान कंटेस्टेंट बनकर दिखाई दिए थे। अब 2022 का समय है जब भगवंत मान उन्हीं नवजोत सिंह सिद्धू के सामने मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। जबकि नवजोत सिंह सिद्धू अपनी सीट हारते हुए नजर आ रहे हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर सिद्धू का मजाक भी उड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर भी कई लोग इस वाकये को शेयर कर रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने हार को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने ट्वीट कर आम आदमी पार्टी को जीत की बधाई दी है। नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया कि लोगों की आवाज भगवान की आवाज है। पूरी विनम्रता के साथ पंजाब के जनादेश को स्वीकार करता हूं। आप को बधाई।
पंजाब के होने वाले मुख्यमंत्री आप नेता भगवंत मान का जन्म 17 अक्तूबर, 1973 को पंजाब में संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उनके घर का नाम जुगनू है और अपने नाम की तरह ही आज उन्होंने पंजाब में अपनी रोशनी फैला दी है। मान को आप ने सीएम उम्मीदवार चुना और जनता ने भी उनके चयन पर अपनी मुहर लगा दी यानी पंजाब की कमान अब भगवंत मान के हाथ में आ गई है।
भगवंत मान ने अपने करियर की शुरुआत एक कॉमेडियन के रूप में की थी। उन्होंने कई स्टेज शो और फिल्मों में काम करके नाम कमाया। उन्हें कपिल शर्मा के शो में खासी पहचान मिली और लोगों को गुदगुदाने के दौरान ही उनके मन में सियासत में पहचान बनाने की इच्छा जागी और वह राजनीति के मैदान में कूद पड़े।
बेटे के चुनाव मैदान में उतरने के बाद भगवंत मान की मां और बहन ने उनके कदम से कमद मिलाया और इसका असर उनके नेतृत्व में आप की बड़ी जीत के रूप में सामने आया। मान की मां घर-घर जार उनके लोगों से बेटे के पक्ष में वोट डालने की अपील की थी और जनता ने भी उनकी बात का मान रखते हुए मान को सत्ता के शिखर पर पहुंचाया।
आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले 2012-14 तक मान पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब से जुड़े रहे, जिसके मुखिया मनप्रीत सिंह बादल हैं। उन्होंने साल 2012 में इसी पार्टी में रहते चुनाव लड़ा और हार का सामना करना पड़ा। भगवंत 2014 से ही संगरूर से लोकसभा के सदस्य हैं और इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भगवंत मान ने जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था। क्योंकि पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी की और से केवल इन्होंने ही जीत दर्ज की थी।
भगवंत मान ने इंद्रप्रीत कौर से शादी की, मगर दोनों का विवाह ज्यादा दिन नहीं चल पाया। उनके वैवाहिक जीवन पर सियासत भारी पड़ गई और साल 2015 में दोनों अलग हो गए। गौरतलब है कि भगवंत और इंद्रप्रीत के दो बच्चे भी हैं, जो कि विदेश में रहते हैं। उन्होंने कई बार साक्षात्कार के दौरान अपने इस दर्द को भी सामने रखा था कि उनके बच्चे भी उनसे फोन पर बात नहीं करते।