खैरागढ़ राजपरिवार की दीवाली हुई काली: MLA देवव्रत के अकस्मात देहावसान से सकते में छत्तीसगढ, मुख्यमंत्री बघेल, विधानसभा अध्यक्ष महंत, अमित जोगी ने दी श्रद्धांजलि

Update: 2021-11-04 05:32 GMT

रायपुर,4 नवंबर 2021। क़रीब साढ़े तीन बजे खैरागढ़ राजपरिवार के लिए दीवाली काली हो गई जबकि 52 वर्षीय देवव्रत सिंह ने अस्पताल पहुँचने से कुछ ही कदम पहले दम तोड़ दिया। देवव्रत सिंह को बेहद सीवियर हार्टअटैक आया था। देवव्रत लंबे अरसे से मधुमेह की समस्या से जूझ रहे थे और शूगर लेव्हल खतरनाक स्तर पर चला जाता था। बेहद लोकप्रिय रहे देवव्रत सिंह के अकस्मात निधन को लेकर पक्ष विपक्ष सभी सकते में है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक देवव्रत सिंह के निधन को छत्तीसगढ के लिए राजनैतिक क्षति बताया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा -"छत्तीसगढ ने एक उर्जावान और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को खो दिया है, प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति है"

देवव्रत सिंह संसदीय कार्यों की बेहतर समझ रखते थे, वे विधानसभा में सभा संचालन के लिये मनोनीत सभापति तालिका सदस्य थे और कई बार उन्होंने अपनी इस भुमिका का निर्वहन भी सदन में किया।

विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने देवव्रत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।उन्होंने कहा -"प्रदेश ने एक कर्मठ और उर्जावान जन प्रतिनिधि को खो दिया है"

देवव्रत सिंह मौजुदा समय में छजका से विधायक थे, हालाँकि उन्हें लेकर यह सार्वजनिक था कि वे अजीत जोगी के देहावसान के बाद कांग्रेस से क़रीबियत रखते थे और अगर संख्या बल का मसला नहीं होता तो वे कांग्रेस में शामिल हो जाते। देवव्रत के निधन पर अमित जोगी ने शोक व्यक्त किया है। अमित जोगी ने कहा -"वे बड़े भाई की तरह मनोबल बढ़ाते थे,राजनीति में एक अधूरापन उत्पन्न हो गया है जिसको आसानी से भरा नहीं जा सकता"

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