दिग्विजय भी कूदे मैदान में: भारत जोड़ो पदयात्रा छोड़कर दिल्ली लौट रहे दिग्विजय सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भरेंगे नामांकन

Update: 2022-09-28 16:30 GMT

दिग्विजय सिंह

दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चल रही रस्साकसी ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। अब इसमें मध्यप्रदेश के दो बार के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कूद पड़े हैं। वे भी अब कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। कहा जा रहा है कि गहलोत से गांधी परिवार की नाराजगी के चलते यह नए समीकरण बने हैं। फिलहाल दिग्विजय सिंह राहुल के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हैं। कल शाम को वह दिल्ली लौटेंगे फिर चुनाव के लिए पर्चा दाखिल करेंगे।

अशोक गहलोत पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लगभग अकेले ही दावेदार थे। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बने रहने के साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भी बने रहना चाहते थे। पर राहुल गांधी एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर अड़े हुए थे। इस कारण गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ता पर वे अपने किसी विश्वस्त को ही अपनी विरासत सौंपना चाहते थे। कहा जाता है कि आलाकमान ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाना तय किया था। इसके लिए पर्यवेक्षक भी जयपुर पहुंचे थे। पर सारे विधायक वहां न पहुंच कर स्पीकर सीपी जोशी के यहां इस्तीफा देने पहुंच गए थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी गहलोत को फोन कर यह सब रोकने को कहा गया था पर उन्होंने यह सब अपने बस में नहीं होने की बात कह दी थी।

चुनाव में शशि थरूर भी हिस्सा लेना चाहते हैं। वे स्प्ष्ट कर चुके हैं कि 30 सितंबर को दोपहर 12.30 को वे पर्चा भरेंगे। उन्होंने कहा है कि वे चुनाव में सिर्फ इसलिए हिस्सा लेना चाहते हैं क्योंकि ऐसा न लगे कि चुनाव के बिना ही कांग्रेस ने अलोकतांत्रिक तरीके से अपना अध्यक्ष चुन लिया है। उन्होंने आज मशहूर शायरी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है "मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल की ओर, लोग साथ गए और कारवां बनता गया।' राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि वे इसके जरिये अपना समर्थन दिखाना चाहते हैं।

दूसरी तरफ आज गहलोत को पर्चा लेना था पर उन्होंने अब तक पर्चा नहीं लिया है। इधर, कमलनाथ ने बुधवार को भोपाल के PCC दफ्तर में कहा, ये उनसे ही पूछिए। राहुल गांधी से एक महीने पहले बात की थी। उनसे कहा था कि आप लीडर बनिए, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। पायलट फिलहाल दिल्ली में ही हैं, जहां अशोक गहलोत भी पहुंचने वाले है। दोनों सोनिया गांधी से मिलेंगे। माना जा रहा है कि गहलोत को यह समझाइश दी जाएगी कि वह अध्यक्ष बनें और सीएम पद का फैसला गांधी परिवार पर छोड़ दें। दिग्विजय सिंह पिछला लोकसभा चुनाव भोपाल से लड़ कर हार गए थे। वे गांधी परिवार के वफादारों में गिने जाते हैं।

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