चीन ने लगाया इतना सख्त लॉकडाउन,एक दिन में सामने आए 3400 नए मामले, शंघाई में स्कूल बंद...
नईदिल्ली 13 मार्च 2022. चीन ने एक बार फिर से कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए चांगचुन शहर में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है। बीजिंग, शंघाई सहित चीन के लगभग 12 प्रांतों में कोविड-19 के नए मामलों में वृद्धि हुई है. इसके बाद प्रशासन ने शंघाई में भी स्कूलों को भी बंद कर दिया है. 90 लाख की आबादी वाले शहर चांगचुन को सिटी ऑफ नाइन मिलियन भी कहा जाता है. यह शहर उत्तर पूर्वी राज्य जिलिन प्रांत की राजधानी है. शहर में लॉकडाउन इतने सख्त है कि यहां सभी तरह की गतिविधियों को रोक दिया गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद है। व्यापार को व्यापक पैमाने पर बंद करने के आदेश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, रविवार को यहां करीब 3400 नए मामले सामने आए हैं। शनिवार की तुलना में ये मामले दोगुने से अधिक हैं। इतनी बड़ी संख्या में सामने आए कोरोना मामलों ने एक बार फिर से स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक, चीन के कुछ शहरों के कई हिस्सों को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स की मानें तो चीन में करीब दो साल बाद इतनी बड़ी संख्या में दैनिक मामले सामने आए हैं। इसके बाद चीन के शंघाई शहर में स्कूलों को बंद कर दिया है और कई शहरों को भी बंद किया जा रहा है। इससे पहले कुछ शहरों में पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया गया है।
चीन में कोरोना संक्रमण कई शहरों में फैल रहा है। करीब आधा दर्जन शहरों में मामले दर्ज किए गए हैं। सर्वाधिक मामले जिलिन शहर में आए। यहां शनिवार को 1412 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं अलग-अलग शहरों में भी संक्रमण बढ़ता जा रहा है।
अधिकारियों ने शहर के लोगों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि एकदम जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। दो दिनों में परिवार के सिर्फ एक सदस्य को बाहर निकलने की इजाजत दी गई है।सभी गैर-आवश्यक व्यवसायों को बंद कर दिया गया है। जोखिम वाले लोगों को बीजिंग आने जाने पर पाबंदी लगा दी गई है. बीजिंग आने के लिए सिर्फ कोविड निगेटिव लोगों को ही इजाजत है। अधिकारियों का मानना है कि शहर में लॉकडाउन लगाने से देश के बाकी हिस्सों में कोरोना का प्रसार नहीं होगा।
2019 के अंत में विश्व में पहली बार कोरोना संक्रमण के मामले चीन में आए थे लेकिन चीनी सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया था और कोरोना के वास्तविक केस के मुकाबले बहुत कम मामले ही दिखाया था। कोरोना आने के बाद देश में बड़े पैमाने पर लॉकडाउन लगाया गया था और बड़े पैमाने पर सामूहिक जांच के साथ ही सख्त पाबंदियां लगाई गई थी। लोगों को घरों में कैद कर दिया गया था। राज्य की सीमाएं बंद तक बंद कर दी गई थी।