Chhattisgarh Assembly Election 2023: छन्‍नी के बाद बृहस्पत की कटी टिकट: NPG न्‍यूज ने पहले ही बताया था इसके पीछे की ‘सियासी समझौते’ की कहानी

Chhattisgarh Assembly Election 2023: छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस ने कल अपने प्रत्‍याशियों की दूसरी सूची जारी की। इसमें कई विधायकों के टिकट कटा दिए गए हैं।

Update: 2023-10-19 07:57 GMT

Chhattisgarh Assembly Election 2023: रायपुर। सत्‍तारुढ़ कांग्रेस ने एक दिन पहले 53 नामों की दूसरी सूची जारी की। पार्टी ने इस सूची में 9 विधायकों का टिकट काटा है। पहली सूची में पार्टी ने 8 सीटिंग एमएलए को टिकट नहीं दिया था। इस तरह पार्टी अब तक अपने 17 एमएलए का टिकट काट चुकी है, लेकिन सबसे ज्‍यादा चर्चा दो नामों की हो रही है। इन दोनों एमएलए की टिकट कटने के पीछे डिप्‍टी सीएम टीएस सिंहदेव का नाम आ रहा है।

बुधवार को जारी हुई कांग्रेस की दूसरी सूची में पार्टी ने मनेंद्रगढ़ से डॉ. विनय जायसवाल, प्रतापपुर से प्रेमसाय सिंह टेकाम, रामानुजगंज से बृहस्‍तप सिंह, सामरी से चिंतामणी महराज, लैलूंगा से चक्रधर सिंह सिदार, पाली तानाखार से मोहित राम, बिलाईगढ़ से चंद्रदेव राय धरसींवा से अनिता शर्मा, रायपुर ग्रामीण से सत्‍यनारायण शर्मा और जगदलपुर रेखचंद जैन को टिकट नहीं दिया गया है। वहीं, पहली सूची में नवागढ़ से गुरु दयाल सिंह बंजारे, पंडरिया से ममता चंद्राकर, खुज्जी से छुन्नी चंदू साहू, डोंगरगढ़ से भुवनेश्वर बघेल, अंतागढ़ से अनूप नाग, कांकेर से शिशुपाल सोरी, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा और चित्रकोट से रजमन बैंजाम का टिकट काटा गया था।

इन सब के बीच जिन दो लोगों की टिकट की चर्चा हो रही है उनमें पहला नाम छन्‍नी साहू का है। छन्‍नी साहू खुज्‍जी सीट से विधायक हैं। खुज्‍जी सीट के लिए प्रत्‍याशी की घोषणा पहली सूची में की गई थी। दूसरा नाम बृहस्‍पत सिंह का है। रामानुजगंज से विधायक बृहस्‍तप सिंह को भी टिकट नहीं मिला।

बता दें कि npg.news कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने से पहले ही यह बता दिया था कि बृहस्‍तप सिंह को टिकट नहीं मिलेगा। एनपीसी न्‍यूज ने इसके पीछे की पूरी कहानी बताई थी। हमने लिखा था- आगामी चुनाव में छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से एक सीट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। उस एक सीट पर पार्टी की जीत या हार से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने एक सभा में यह बयान रामानुजगंज सीट के संबंध में दिया था। यहां से कांग्रेस के बृहस्पत सिंह विधायक हैं। इस बयान की एक बार फिर चर्चा है। चर्चा इसलिए है, क्योंकि डिप्टी सीएम टीएस बाबा की समर्थक मानी जाने वाली छन्नी साहू को टिकट नहीं मिला। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर अलग-अलग मैसेजिंग प्लेटफार्म्स पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या बृहस्पत सिंह को टिकट मिलेगा? तब बाबा के बयान पर बृहस्पत ने कहा था कि वे (टीएस बाबा) अकेले सब कुछ तय नहीं करेंगे, बल्कि पार्टी तय करेगी। बाबा जब सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के मेंबर बने, तब ही इस चर्चा ने जोर पकड़ी थी। इसके बाद छन्नी के टिकट कटने को लेकर राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि बृहस्पत और चिंतामणि महाराज लेकर उनका वीटो है, इसलिए उन्होंने छन्नी को लेकर कुछ भी नहीं बोला। इस संबंध में पार्टी या टीएस बाबा की ओर से कोई अधिकृत बयान नहीं है, लेकिन राजीव भवन से लेकर राजधानी और अंबिकापुर तय यह बात चर्चा में है।

चिंतामणि महाराज के खिलाफ नाराजगीसामरी विधानसभा सीट के विधायक चिंतामणि महाराज के खिलाफ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. यह नाराजगी कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम बाबा के सामने दिखाई थी. इसके बाद चिंतामणि ने बाकायदा चुनौती दी थी कि उन्हें टिकट देना होगा और वे दो सौ प्रतिशत जीतेंगे. इन घटनाओं के बाद लोगों को बाबा के रुख का इंतजार है। बता दें कि 2018 में जब कांग्रेस की लहर थी, तब एकमात्र सरगुजा संभाग की सभी सीटें जीतने में कांग्रेस कामयाब रही थी। इसमें बाबा का बड़ा योगदान माना जाता है। बस्तर संभाग की एकमात्र दंतेवाड़ा सीट पर भाजपा विधायक भीमा मंडावी की जीत हुई थी। पढि़ए पूरी खबर

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