किसानों को बड़ी सौगात: 7755 रुपए क्विंटल में मूंग और 6600 रुपए प्रति क्विंटल में अरहर व उड़द खरीदेगी छत्तीसगढ़ सरकार

राज्य में दलहन की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीएम भूपेश बघेल ने समर्थन मूल्य पर खरीदी की पहल की है। 20 केंद्रों में अरहर, उड़द और मूंग की खरीदी की जाएगी।

Update: 2022-10-17 09:20 GMT

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर अरहर, उड़द और मूंग की खरीदी करेगी। इसके लिए लिए कीमत तय कर दी गई है। 6600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अरहर और उड़द की खरीदी की जाएगी। वहीं, 7755 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग की खरीदी की जाएगी। अरहर 4 क्विंटल, मूंग 2 क्विंटल और उड़द 3 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से समर्थन मूल्य में खरीदी की जाएगी।

सीएम भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 20 उपार्जन केंद्रों में अरहर, मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य में खरीदी की शुरुआत की। इस दौरान सीएम ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आय बढ़ेगी। किसानों के पास अब विकल्प होगा कि उन्हें जहां ज्यादा मूल्य मिलेगा, वहां वे अरहर, मूंग और उड़द की फसल बेच सकेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) के माध्यम से अरहर और उड़द की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य 6600 रुपए प्रति क्विंटल और मूंग फसल की फसल 7755 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जाएगी। उड़द और मूंग का उपार्जन 17 अक्टूबर से 16 दिसंबर तक और अरहर का उपार्जन 13 मार्च 2023 से 12 मई तक की अवधि में किया जाएगा।

इस तरह करा सकेंगे पंजीयन

दिवाली से पहले लिए गए सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में अरहर, मूंग एवं उड़द की फसलों की बुआई करने वाले किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। योजना का लाभ लेने के लिए इन फसलों की बुवाई करने वाले किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका के साथ बी-प्, पी-प्प्, आधारकार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर kisan.cg.nic.in पोर्टल पर पंजीयन करवा सकते हैं। पंजीयन अभी जारी है, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2022 है।

बता दें कि सीएम बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर करने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार किसान हितैषी योजनाओं का संचालन जमीनी स्तर पर किया जा रहा है। इससे पहले जोगी शासन में भी धान के अतिरिक्त अन्य फसलों को बढ़ावा देने की कोशिश की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

छत्तीसगढ़ में उड़द, मूंग एवं अरहर की फसलें भी अच्छी मात्रा में होती है। राज्य के जशपुर, सरगुजा, गरियाबंद, रायगढ़, कोंडागांव के क्षेत्रों में 122-01 हेक्टेयर में उड़द, जांजगीर, रायगढ़, कबीरधाम, कोंडागांव, जशपुर के क्षेत्रों में 16-34 हेक्टेयर में मूंग और कबीरधाम, जशपुर, बलरामपुर, राजनांदगांव, सरगुजा के क्षेत्रों में 120-31 हेक्टेयर में अरहर की फसल का उत्पादन किया जाता है।

जिलों में उपार्जन और भंडारण केंद्र

प्रदेश के कुल 20 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की जाएगी। किसानों से समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द और अरहर की खरीदी के लिए सुविधाजनक क्रय व्यवस्था बनाने हेतु बलौदाबाजार जिले के बिलाईगढ़, गरियाबंद, महासमुंद जिले के बसना, दुर्ग, बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया, कबीरधाम जिले के पंडरिया, राजनांदगांव, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही, जांजगीर जिले के बोड़ासागर, कोरबा, बलरामपुर जिले के राजपुर, सूरजपुर, सरगुजा जिले के अम्बिकापुर, जशपुर जिले के बगीचा, कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़, कोंडागांव, कांकेर, रायगढ़ जिले के लोहारसिंह-2, नारायणपुर में उपार्जन एवं भंडारण केंद्र बनाए गए हैं।

Tags:    

Similar News