गुंडे-बदमाशों का एल्बम: राज्य की पहली क्रिमिनल गैलरी तैयार, अपराधियों की पहचान में होगी आसानी; एसएसपी बोले...
रायपुर। कोई भी अपराध के बाद पीड़ित के सामने सबसे पहला सवाल होता है कि अपराधी का हुलिया कैसा था? पुलिस के साथ-साथ पीड़ित के सामने भी यही चुनौती होती है कि वह अपराधी की कैसे पहचान करे, इसलिए राजधानी पुलिस ने ऐसे अपराधियों का पूरा एल्बम ही तैयार कर लिया है। इसे क्रिमिनल गैलरी का नाम दिया गया है।
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के दफ्तर में क्रिमिनल गैलरी को तैयार किया गया है, जिसमें दीवार पर करीब डेढ़ सौ आदतन अपराधियों की तस्वीर, नाम और उनकी डिटेल है। करीब 700 लोगों का डिजिटल डाटाबेस भी तैयार है। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने शुक्रवार को राज्य की पहली क्रिमिनल गैलरी की शुरुआत की।
एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि क्रिमिनल गैलरी में आदतन अपराधियों का पूरा डाटाबेस तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में कोई अपराध होने पर उसकी प्रवृत्ति के आधार पर अपराधियों की पहचान कराई जा सके। इसके लिए पीड़ित को क्रिमिनल गैलरी लेकर पहचान कराई जाएगी।
इसके साथ ही अपराधों में सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से प्राप्त होने वाले अज्ञात आरोपियों का भी क्रिमिनल गैलरी से मिलान करते हुए आरोपियों की पहचान करने में मदद ली जाएगी। वर्तमान में अब जो भी आरोपी पकड़े जाएंगे उनकी भी फोटो गैलरी में अपडेट की जाएगी।