CG विधायक आमने-सामने: क्लब में बार पर एक विधायक को दिक्कत तो ढाबे में अवैध शराब पर दूसरे को, आबकारी सब इंस्पेक्टर ने भी लगाया था आरोप, लेटर वायरल
रायपुर / मनेंद्रगढ़. छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन दिन पहले एक अवैध बार का मुद्दा उठता है. भरतपुर सोनहत से कांग्रेस के विधायक गुलाब कमरो यह मुद्दा उठाते हैं और आरोप लगाते हैं कि क्लब के लाइसेंस में बार का संचालन किया जा रहा है. आबकारी मंत्री कवासी लखमा यह स्वीकार करते हैं कि विभाग को ऐसी शिकायत मिली है. साथ में यह भी कहते हैं कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी. इसी बीच मनेंद्रगढ़ के कांग्रेस विधायक डॉ. विनय जायसवाल कहते हैं कि सुचित्रा दास नाम की एक महिला है, जो ढाबा चलाती है. ढाबे में अवैध रूप से शराब की बिक्री होती है. सुचित्रा दास का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रही है कि जब सब बंद कर देंगे, तब वह भी शराब बेचना बंद कर देगी. इस दौरान भाजपा एक विधायक शिवरतन शर्मा कहते हैं कि वहां (मनेंद्रगढ़ में) दो नेताओं के बीच गैंगवार की स्थिति बन गई है.
यह कहानी का ताजा घटनाक्रम है. इसमें एक नया किस्सा जुड़ गया है. यह किस्सा विधायक कमरो से जुड़ा है. मनेंद्रगढ़ के जिला आबकारी अधिकारी को लिखा गया एक पत्र वायरल हो रहा है. आबकारी उप निरीक्षक ने यह पत्र लिखा है, जिला आबकारी अधिकारी को. पत्र 27 जनवरी 2022 को लिखा गया था, लेकिन ताजा घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में यह वायरल हो रहा है. तत्कालीन आबकारी उप निरीक्षक ने अपने जिला अधिकारी को लिखा है कि वे हाइवे ढाबा, जिसका सुचित्रा दास संचालन करती हैं और महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष हैं, में टीम के साथ छापा मारने गए थे. तभी विधायक कमरो पहुंचे और उनके साथ बदसलूकी की. पढ़ें पत्र...
अब ग्रीन पार्क बार की बात
मनेंद्रगढ़ में हाइवे से लगा एक क्लब कम बार है. नाम है क्लब ग्रीन पार्क. लाइसेंस तो क्लब के नाम पर है, लेकिन यहां बार लिखकर क्लब के नियमों के विपरीत बाहरी लोगों को भी शराब पिलाने की शिकायत थी. इस बार का लाइसेंस शशिधर जायसवाल के नाम पर जारी हुआ है. शशिधर जायसवाल विधायक डॉ. विनय जायसवाल के रिश्ते में भाई हैं. इस क्लब में विधायक जायसवाल, उनकी मेयर पत्नी के भी सदस्य होने का मामला काफी चर्चा में आया था. यही मुद्दा उठा था विधानसभा में.
NPG.News ने जब इस मुद्दे पर जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि जब शिकायत मिली तब बार का बोर्ड हटा दिया गया. इसके बाद लगातार जांच की जा रही है, लेकिन बाहर के लोगों को शराब पिलाते हुए कोई नहीं पाया गया है. हालांकि, तत्कालीन सब इंस्पेक्टर द्वारा जो पत्र लिखा गया था, उस पर क्या कार्यवाही हुई यह पूछने पर उन्होंने कहा कि उनके ज्वॉइन करने के बाद पत्र के संबंध में कोई बात नहीं आई थी, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं है.
क्या यह दो गुटों के बीच राजनीतिक लड़ाई है
कांग्रेस के दोनों विधायकों के बीच आपसी खींचतान का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले जिला गठन के श्रेय को लेकर दोनों के बीच तक टकराहट दिखी थी. वहीं, मेडिकल कॉलेज के ऐलान पर भी दोनों भिड़ चुके हैं. अमृत धारा महोत्सव के दौरान भी दोनों के बीच तकरार खुलकर सामने आ गई थी.