CG BJP के पुराने चावल बाहर: लंबे अरसे बाद गौरीशंकर, सुभाष राव, मुंदड़ा नहीं; रमन, सरोज के करीबियों को नहीं मिला मौका...

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही भाजपा में भी बड़े बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी। आखिरकार अरुण साव ने पुराने नेताओं के बजाय यंग चेहरों को शामिल किया है।

Update: 2022-09-12 15:29 GMT

President Arun Saw

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष अरुण साव की बहु प्रतीक्षित टीम घोषित कर दी गई है। नई टीम की घोषणा हुए 24 घंटे बीत चुके हैं और लोगों की तरफ से जो प्रतिक्रिया आ रही है, उसमें पहली प्रतिक्रिया यही है कि पुराने चावल बाहर कर दिए गए हैं। गौरीशंकर अग्रवाल, खूबचंद पारख, सुभाष राव, छगन मुंदड़ा ऐसे नाम हैं, जो अलग-अलग जिम्मेदारियों में लगभग हर टीम में रहे हैं। पहली बार है कि उन्हें प्रदेश की कार्यकारिणी से बाहर किया गया है। थोड़ा फ्लैशबैक में जाएं तो विष्णुदेव साय और धरमलाल कौशिक भी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियों से हटाए गए हैं। अब नए चेहरों को सामने लाया गया है। एक प्रतिक्रिया यह भी आ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और सरोज पांडेय के कई करीबियों को मौका नहीं मिला है। हालांकि ओवरऑल देखें तो हर खेमे से नाम हैं, लेकिन जो नाम अपनी ओर आकर्षित करते हैं, उनमें आरएसएस बैकग्राउंड से जुड़े नाम हैं।

प्रदेश अध्यक्ष के लिए था नाम पर महामंत्री बने

बस्तर में बलीराम कश्यप दिग्गज नेता थे। अरुण साव से पहले भाजपा में कश्यप के बेटे केदार कश्यप को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का विचार हुआ था। हालांकि बात आगे नहीं बढ़ी। पार्टी ने आदिवासी के बजाय ओबीसी पर दांव लगाया। अब केदार कश्यप को महामंत्री बनाया गया है। उन्हें कोर ग्रुप में भी रखा गया है। इसी तरह पूर्व आईएएस ओपी चौधरी महामंत्री बनाए गए हैं। अघरिया समाज से आते हैं। यूथ में पापुलर हैं। कवर्धा में भगवा ध्वज को लेकर हुए विवाद के बाद जेल जाने वाले विजय शर्मा भी महामंत्री बनाए गए हैं। हिंदूवादी छवि के साथ ही विजय किसानों, गरीबों के मुद्दे पर अपने आंदोलन के लिए चर्चित रहे हैं। फिलहाल पीएम आवास योजना को लेकर एक जनआंदोलन चला रहे हैं। शर्मा और चौधरी दोनों प्रदेश मंत्री थे, उन्हें प्रमोट किया गया है।

यंग टीम में नई पीढ़ी को आगे लाने की कोशिश

अरुण साव के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही संगठन के नेताओं ने यह संकेत दिया था कि 50 से कम उम्र के युवाओं को मौका दिया जाएगा। लिस्ट में शिवरतन शर्मा, निर्मल सिन्हा, लखन देवांगन, भूपेंद्र सवन्नी जैसे नाम पहले हैं, उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वरिष्ठ नेताओं को महत्व दिया गया है, लेकिन जैसे-जैसे आगे पढ़ेंगे आपको नई टीम और ऊर्जा का अहसास होता है। मीडिया टीम हो गया आईटी सेल या सोशल मीडिया इसमें नई पीढ़ी को आगे लाने की कोशिश की गई है। वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर शर्मा, सिन्हा और सवन्नी आदि नेताओं को शामिल किया गया है। जबकि दीपक म्हस्के और नलिनीश ठोकने आदि को प्रवक्ता के रूप में एडजस्ट किया गया है। मीडिया टीम में अमित चिमनानी और अनुराग अग्रवाल को पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व अजय चंद्राकर का करीबी माना जाता है।

ऐसे समझें नई-पुरानी टीम को

उपाध्यक्ष

वर्तमान - पूर्व

शिवरतन शर्मा - शिवरतन शर्मा

निर्मल सिन्हा - निर्मल सिन्हा

मधुसूदन यादव - खूबचंद पारख

लखनलाल देवांगन - लखनलाल देवांगन

भूपेंद्र सवन्नी - लता उसेंडी

सरला कोसरिया - सरला कोसरिया

उद्धेश्वरी पैकरा - उद्धेश्वरी पैकरा

लक्ष्मी वर्मा - मोतीलाल साहू

महामंत्री

केदार कश्यप - नारायण चंदेल

विजय शर्मा - भूपेंद्र सवन्नी

ओपी चौधरी - किरण देव

प्रदेश मंत्री

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव - विजय शर्मा

अवधेश चंदेल - प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

जगदीश रोहरा - ओपी चौधरी

परमेश्वरी राजवाड़े - उषा टावरी

ओजस्वी मंडावी - संध्या परगनिहा

किशोर महानंद - अंजू सिंह राजपूत

श्यामा बाई साहू - राकेश यादव

महेश जैन - परमेश्वरी राजवाड़े

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