बाईडेन के बोल - "पुतिन से बात करने की कोई योजना नहीं.. अमेरिका सेना नहीं जाएगी..हम प्रतिबंधों को कड़ा करेंगे" यूरोपियन यूनियन के तेवर बेहद सख़्त

Update: 2022-02-25 06:03 GMT

नई दिल्ली,25 फ़रवरी 2022। नाटो के मसले पर बेहद सख़्त रवैया अपनाते हुए यूक्रेन के भीतर पहुँची रुसी सेना ने चेरनोबिल परमाणु उर्जा संयंत्र पर क़ब्ज़ा जमा लिया है। रुसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने दावा किया था कि यह सैन्य कार्रवाई नागरिकों पर नहीं होगी, लेकिन यूक्रेन ने दावा किया है कि हज़ार से उपर लोग प्रभावित हुए हैं और अधिकांश नागरिक हैं। रुस की सेना यूक्रेन की राजधानी के मुहाने आ खड़ी है, लेकिन यूक्रेन के सैनिक लगातार लड़ रहे हैं। एक आंकडे के मुताबिक़ रुस की सेना में सैनिकों की संख्या दस लाख से अधिक है, जबकि यूक्रेन के पास केवल दो लाख सैनिक क्षमता है।

यूक्रेन चिर परिचित साथियों से मदद की लगातार अपेक्षा में है, लेकिन उसके लिए यह करारा झटका है कि यूक्रेन के सबसे विश्वसनीय साथी अमरिका ने सेना के भेजने से साफ़ इंकार कर दिया है।व्हाइट हाउस के प्रेस कक्ष में राष्ट्रपति जो बाईडेन ने कहा "रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बात करने की मेरी कोई योजना नहीं है। वह पूर्व सोवियत संघ को फिर से स्थापित करना चाहते है, मुझे लगता है कि उनकी महत्वाकांक्षाएं उस जगह के बिल्कुल विपरीत हैं जहां बाकी दुनिया आ गई है।रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन हमलावर हैं।पुतिन ने युद्ध को चुना और अब वह और उनका देश परिणाम भुगतेंगे।हम कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू कर चुके हैं इसे और कड़ा करेंगे..अमेरिका अपने सैनिक नहीं भेजेगा"

यूरोपियन यूनियन के तेवर तीखे हैं। प्रतिबंध यूनियन ने भी लगाया है। ये प्रतिबंध वित्तीय क्षेत्र ऊर्जा परिवहन और वीज़ा पर लगाए गए हैं। लेकिन ग़ौरतलब है कि रुस से गैस ख़रीदी पर कोई प्रतिबंध नहीं है। फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन को 33.6 करोड़ डॉलर मदद के रुप में देने और सैन्य उपकरण मुहैया कराए जाने का दावा किया है। लेकिन इन सब क़वायदों/दावों/प्रतिबंधों का रुस पर कोई असर फ़िलहाल नहीं है। रुस की सेना लगातार यूक्रेन के भीतर अपना क़ब्ज़ा मज़बूत करते जा रही हैं।

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